Independence Day 2026: (नई दिल्ली): 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से करीब 75 मिनट तक देश को संबोधित किया। लगातार 13वीं बार स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भाषण देते हुए पीएम मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, तकनीक और देश की आर्थिक प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब भारत को छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि बड़े लक्ष्य तय करने होंगे।
‘2047 तक विकसित भारत बनाना है’
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत तिरंगे और वंदे मातरम् के जिक्र से की। उन्होंने कहा कि देश नए संकल्प और उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है। महात्मा गांधी समेत स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वालों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। यह लक्ष्य 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयास और भागीदारी से हासिल होगा। पीएम ने कहा कि बड़े सपने सोच का दायरा बढ़ाते हैं और देश की प्रगति की रफ्तार को तेज करते हैं।
12 साल की उपलब्धियों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने सरकार के पिछले 12 वर्षों के कामकाज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कभी भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन अब देश दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
पीएम के मुताबिक, इस अवधि में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। रक्षा उत्पादन चार गुना, खादी और ग्रामोद्योग पांच गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सात गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। सौर ऊर्जा क्षमता भी 2 गीगावॉट से बढ़कर 160 गीगावॉट तक पहुंची है।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने की स्थिति से बाहर निकलना होगा। उन्होंने मेक इन इंडिया, स्वदेशी और लोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।
सेमीकंडक्टर निर्माण का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में तीन बड़े प्लांट स्थापित हो चुके हैं और उनसे निर्यात भी शुरू हो गया है। आने वाले वर्षों में कई और प्लांट लगाने की योजना है। ऊर्जा सुरक्षा के लिए परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और नए रिएक्टर शुरू करने की बात भी उन्होंने कही। हाइड्रोजन ट्रेन को भी भारत की तकनीकी क्षमता का उदाहरण बताया।
विकास के लिए ‘सप्त धारा’
प्रधानमंत्री ने देश के विकास के लिए सप्त धारा का विजन रखा। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले 5-7 वर्षों में ऐसे लक्ष्य पूरे करने होंगे, जिन्हें पूरा करने में दशकों लग गए।
पीएम ने भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का बड़ा केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लागत, गुणवत्ता और उत्पादन के स्तर पर देश को प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। साथ ही, युवा शक्ति को विकसित भारत का सबसे बड़ा इंजन बताते हुए अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने का संकल्प भी दोहराया।