नई दिल्ली: केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को दिल्ली के वासुदेव घाट, यमुना बाजार स्थित फ्लडप्लेन्स, बैराज और रिवरफ्रंट क्षेत्रों का दौरा कर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों की स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं और पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने और तय समयसीमा के भीतर उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मनोहर लाल ने कहा कि यमुना के तटों का समग्र विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, जनसुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सतत शहरी विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ रिवरफ्रंट और घाटों के पुनर्विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
बाढ़ प्रबंधन पर भी दिया जोर
मनोहर लाल ने कहा कि यमुना में बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक संरचनात्मक और प्रबंधन संबंधी उपाय युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दिशा में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार आपसी समन्वय के साथ लगातार काम कर रही हैं, ताकि राजधानी को बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बेहतर तरीके से सुरक्षित रखा जा सके और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
‘यमुना हमारी आस्था और विरासत की जीवनधारा’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि देश की आस्था, संस्कृति और विरासत की जीवनधारा है। उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने का जो संकल्प लिया गया है, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि रिवरफ्रंट और घाटों के विकास से दिल्लीवासियों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यमुना के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।