सरकार और CJP के बीच करीब 2 घंटे चली बैठक, 3 में से 2 मांगों पर सकारात्मक रुख

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के बीच शुक्रवार को अहम बैठक हुई। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई करीब दो घंटे की इस बैठक में प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया। CJP का दावा है कि उसकी तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सरकार ने सैद्धांतिक सहमति जता दी है, जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।

करीब दो घंटे चली सरकार और CJP की बैठक

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बाद सरकार ने आंदोलनकारी संगठनों के साथ बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ाया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। पार्टी की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान CJP ने पांच पैराग्राफ का लिखित मांगपत्र सरकार को सौंपा और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।

कल फिर होगी बातचीत

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि CJP नेताओं के साथ सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि संगठन की तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े पांच सुझाव सरकार के सामने रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी बिंदुओं पर विचार कर रही है और शनिवार दोपहर फिर बैठक कर अपना पक्ष स्पष्ट करेगी।

इन तीन मांगों पर हुई चर्चा

बैठक में CJP ने तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं। पहली, आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज एफआईआर और अन्य कानूनी मामलों को वापस लिया जाए तथा सरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। दूसरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। तीसरी, पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार ने छात्रों पर दर्ज एफआईआर और कानूनी कार्रवाई वापस लेने तथा पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। हालांकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार ने फैसला लेने के लिए शनिवार तक का समय मांगा है।

आंदोलन जारी, नए कानून की तैयारी भी तेज

CJP ने साफ किया है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनकी सबसे प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है और इससे कम पर समझौता नहीं होगा।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी में जुटी है। शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट में प्रस्तावित विधेयक के मसौदे पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, नए कानून में पेपर लीक के मामलों का तीन महीने के भीतर निपटारा, फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सुनवाई, दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार की कोशिश है कि विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाए।

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