नई दिल्ली: दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए राजधानी का पहला इंटीग्रेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर तेजी से आकार ले रहा है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वजीराबाद रोड पर बन रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का करीब 88 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा कर जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इस फ्लाईओवर की खासियत यह होगी कि इसके ऊपरी हिस्से में मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा, जबकि नीचे फ्लाईओवर पर वाहन चलेंगे।
88 प्रतिशत काम पूरा, निर्माण अंतिम चरण में
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 1.40 किलोमीटर लंबे इस डबल-डेकर फ्लाईओवर की संशोधित लागत 291 करोड़ रुपये मंजूर की गई है। उन्होंने कहा कि 80 डेक स्लैब में से 74 का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि अधिकांश क्रैश बैरियर और एक्सपेंशन ज्वाइंट लगाने का काम भी पूरा कर लिया गया है। कुछ तकनीकी और अनुमति संबंधी कारणों से परियोजना की गति प्रभावित हुई थी, लेकिन अब निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
एक ही ढांचे पर मेट्रो और फ्लाईओवर
यह परियोजना लोक निर्माण विभाग (PWD) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की संयुक्त पहल है। इसके तहत एक ही संरचना पर ऊपर मेट्रो कॉरिडोर और नीचे फ्लाईओवर विकसित किया जा रहा है। परियोजना में नई सर्विस रोड, फुटपाथ, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, बिजली व्यवस्था, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और आधुनिक रोड साइनेज जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
यमुना विहार और भजनपुरा को मिलेगी जाम से राहत
सरकार के अनुसार, डबल-डेकर फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद यमुना विहार और भजनपुरा क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा। अनुमान है कि 65 से 70 प्रतिशत वाहन सीधे फ्लाईओवर से गुजरेंगे, जिससे नीचे की सड़क पर स्थानीय यातायात ही रहेगा। इसके अलावा गोकुलपुरी से सिग्नेचर ब्रिज तक लोगों को लगभग सिग्नल-फ्री सफर की सुविधा मिलेगी, जिससे यात्रा का समय भी कम होगा।
सरकारी सेवाओं में भी सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ प्रशासनिक सेवाओं को भी अधिक तेज और पारदर्शी बनाने पर काम कर रही है। समीक्षा के बाद 18 विभागों की 95 प्रमुख सेवाओं में सुधार किया गया है, जबकि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत 84 सेवाओं के निस्तारण की समय-सीमा भी कम की गई है।