नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के अनुसार आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना राजधानी में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे पात्र नागरिकों को ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज मिल रहा है। यह बदलाव दिल्ली में भाजपा सरकार आने के बाद हुआ है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, योजना शुरू होने के बाद 46,963 लाभार्थियों का सफल इलाज किया जा चुका है। सरकार ने 34,715 क्लेम का निपटारा करते हुए ₹86.22 करोड़ की राशि जारी की है। इस योजना के तहत 233 अस्पताल एम्पैनल्ड किए गए हैं, जो लाभार्थियों को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।
किसी भी अस्पताल में करा सकते हैं इलाज
दिल्ली सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर पात्र परिवार को बिना किसी आर्थिक बोझ के समय पर, गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस उपचार की सुविधा मिले। योजना मुख्य रूप से गरीब, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, राशन कार्ड धारकों और अन्य वंचित वर्गों को लक्षित करती है। हेल्थ कार्ड बनवाने के बाद लाभार्थी किसी भी एम्पैनल्ड अस्पताल में जाकर इलाज करा सकते हैं और अस्पताल सीधे सरकार से भुगतान प्राप्त करता है।
इलाज का बोझ मरीजों पर हुआ कम
इस योजना से दिल्लीवासियों पर इलाज का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ है। पहले जहां गंभीर बीमारियों के इलाज में लाखों रुपये खर्च हो जाते थे, वहीं अब परिवार को सिर्फ कार्ड दिखाकर मुफ्त इलाज मिल रहा है। सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें। आयुष्मान भारत योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना है, जिसे दिल्ली सरकार ने प्रभावी ढंग से लागू किया है। स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में और अधिक अस्पतालों को शामिल कर नेटवर्क को विस्तार दिया जाएगा।
यहां बनवाएं हेल्थ कार्ड
योजना की सफलता से न केवल गरीब परिवारों को राहत मिल रही है, बल्कि दिल्ली को एक मॉडल हेल्थकेयर सिस्टम की दिशा में भी आगे बढ़ाया जा रहा है। पात्र नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने नजदीकी केंद्र या हेल्पलाइन पर संपर्क कर हेल्थ कार्ड बनवाएं।