नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। सत्र के पहले दिन से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराव की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, ई-20 पेट्रोल और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश करने की योजना बना रही है।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
सत्र के पहले दिन विपक्ष नीट पेपर लीक मामले, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, ई-20 पेट्रोल नीति और सोनम वांगचुक से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। इन विषयों को लेकर सदन में हंगामे के आसार भी जताए जा रहे हैं।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील की है कि संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करे और अनावश्यक व्यवधान से बचे, ताकि महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए जा सकें।
सरकार का फोकस अहम विधेयकों पर
मानसून सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है। इनमें राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक और आयकर (संशोधन) विधेयक शामिल हैं। इसके अलावा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए परिसीमन विधेयक लाए जाने की भी चर्चा है, हालांकि सरकार ने इस पर आधिकारिक घोषणा नहीं की है। रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने सभी दलों से सकारात्मक चर्चा और सहयोग की अपील की। बैठक में सूचीबद्ध विधेयकों पर चर्चा के साथ विपक्ष के सुझाव भी लिए गए।
सियासी समीकरणों पर भी रहेगी नजर
मानसून सत्र के दौरान संसद के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों पर भी नजर रहेगी। हाल के घटनाक्रमों के बाद एनडीए की संख्या बढ़ी है, जबकि विपक्षी दलों की रणनीति सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रहेगी। ऐसे में यह सत्र विधायी कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक टकराव के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।