नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को महान क्रांतिकारी मंगल पांडे जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर कहा, “महान क्रांतिकारी मंगल पांडे जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। मातृभूमि के स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका साहसिक जीवन आज भी हर भारतीय को गर्व से भर देता है। राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत उनकी शौर्यगाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।”
मंगल पांडे 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायक थे। बर्राकपुर छावनी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में सिपाही के रूप में तैनात मंगल पांडे ने अंग्रेजों की गोली के कारतूस पर लगे गाय और सूअर के चर्बी वाले विवाद के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। 29 मार्च 1857 को उन्होंने अपनी बंदूक से अंग्रेज अधिकारियों पर हमला बोल दिया, जिसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस देशभक्ति की भावना से भरे इस ट्वीट को हजारों लोगों ने लाइक और शेयर किया। कई नेताओं, इतिहासकारों और आम नागरिकों ने मंगल पांडे के बलिदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री के संदेश का स्वागत किया।
कौन थे मंगल पांडे
मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (अयोध्या) के निकट बंगरा गांव में हुआ था। वे बंगाली ब्राह्मण परिवार से थे। मात्र 29 वर्ष की आयु में 8 अप्रैल 1857 को उन्हें फांसी दे दी गई। उनकी वीरता की कहानी आज भी स्कूलों में पढ़ाई जाती है और युवाओं को प्रेरित करती है। इस अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मंगल पांडे की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। प्रधानमंत्री का यह संदेश राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।