चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी दौरे की घोषणा करते हुए कहा कि 17 जुलाई 2026 को हरियाणा एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेगा। पीएम मोदी जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे और प्रदेश को कई विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे।
सीएम सैनी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, “हरि की पावन धरा हरियाणा में माननीय प्रधानमंत्री श्री प्राधानमंत्री मोदी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। 17 जुलाई 2026 को हरियाणा एक और ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनेगा। माननीय प्रधानमंत्री जी जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे तथा प्रदेशवासियों को अनेक विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे।
”हाइड्रोजन ट्रेन का ऐतिहासिक शुभारंभ
यह ट्रेन भारत में ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर चलने वाली पहली रेलगाड़ी होगी। यह पर्यावरण अनुकूल परिवहन का नया मॉडल साबित होगी, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी। जींद स्टेशन से शुरू होने वाली इस ट्रेन से न केवल हरियाणा बल्कि पूरे उत्तर भारत में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा मिलेगी
विकास परियोजनाओं की बौछार
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान हरियाणा को सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का तोहफा देंगे। इन परियोजनाओं से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। हरियाणा सरकार पहले से ही पीएम के नेतृत्व में चल रही योजनाओं को तेजी से लागू कर रही है।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा हरियाणा के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। राज्य सरकार पूरे कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी में जुटी हुई है। जींद सहित पूरे प्रदेश में स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं।
हरियाणा का विकास मॉडल
हरियाणा को ‘हरियाणा मॉडल ऑफ डेवलपमेंट’ के लिए जाना जाता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्य में इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्रियल पार्क और स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ हरियाणा को ग्रीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।प्रदेशवासी 17 जुलाई को प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए उत्साहित हैं। यह दौरा न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह हाइड्रोजन तकनीक में भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगा।