इमरजेंसी की बरसी पर पीएम मोदी-अमित शाह समेत अन्य नेताओं का कांग्रेस पर हमला, बताया ‘संविधान हत्या दिवस’

PM Narendra Modi

नई दिल्ली: 25 जून 1975 को देश में लगे आपातकाल की 51वीं बरसी पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दिन को लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय करार दिया। मोदी सरकार 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाती है।

पीएम मोदी ने याद दिलाया आपातकाल का दंश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ‘संविधान हत्या दिवस’ हमें उस दौर की याद दिलाता है जब भारतीय लोकतंत्र को कुचल दिया गया था। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी हमारे संविधान पर सीधा हमला थी। उस दौरान नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई, अभिव्यक्ति की आजादी पर ताला लगा दिया गया और राजनीतिक विरोधियों व पत्रकारों को जेलों में ठूंस दिया गया। पीएम ने आपातकाल का विरोध करने वाली सभी विभूतियों को नमन किया। साथ ही संस्कृत श्लोक ‘स्वातन्त्र्यात् सुखमाप्नोति’ साझा कर लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराया।

अमित शाह बोले: कांग्रेस ने की थी संविधान की हत्या

गृह मंत्री अमित शाह ने इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी और कांग्रेस के सत्ता के अहंकार ने संविधान की आत्मा, प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार को कुचलने का प्रयास किया था। शाह ने कहा कि 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाने का उद्देश्य इस काले अध्याय को राष्ट्र की स्मृति में जीवित रखना है। ताकि भविष्य में कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान पर ऐसा आघात दोबारा न कर सके। उन्होंने आपातकाल के खिलाफ लड़ने वाले लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।

सीएम योगी ने कहा: संवैधानिक आत्मा को कुचलने का प्रयास

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपातकाल को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के अहंकार में देश पर इमरजेंसी थोपकर संवैधानिक आत्मा को कुचलने का प्रयास किया था। इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों को गहरी चोट पहुंची। सीएम योगी ने उस कठिन दौर में यातनाएं सहकर लोकतंत्र की रक्षा करने वाले सेनानियों को कोटिशः नमन किया।

राजनाथ सिंह समेत अन्य नेताओं ने साधा निशाना

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 1975 में लगी इमरजेंसी भारतीय लोकतंत्र के सबसे काले अध्यायों में से एक है। उस दौरान न्यायपालिका को नियंत्रित करने की कोशिश हुई और लाखों नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा कि आपातकाल याद दिलाता है कि जब सत्ता तानाशाही रवैया अपनाती है तो लोकतांत्रिक संस्थाएं गंभीर खतरे में पड़ जाती हैं। बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा और लोकतंत्र सेनानियों को याद किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *