मॉरीशस से लौटा भारत का बाहुबली युद्धपोत INS तरकश, अब हिन्द महासागर में रखेगा दुश्मनों पर नजर

पोर्ट लुइस, भारतीय नौसेना का खतरनाक स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस तरकश मॉरीशस में अपना मिशन पूरा कर अब हिंद महासागर में दुश्मनों की हर हरकत पर नजर रखने निकला है। तीन दिन के सफल दौरे के बाद रविवार को यह युद्धपोत पोर्ट लुइस से अपनी अगली तैनाती के लिए रवाना हो गया।

मॉरीशस में दिखाया दम, कोस्ट गार्ड को दी ट्रेनिंग

मॉरीशस में रहते हुए आईएनएस तरकश के जांबाजों ने सिर्फ दोस्ती नहीं निभाई, बल्कि अपनी ताकत का भी अहसास कराया। भारतीय नौसैनिकों ने मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड के जवानों को समुद्री युद्ध और आपदा प्रबंधन की प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी। साथ ही दोनों देशों के जवानों के बीच वॉलीबॉल मैच में भी जबरदस्त जोश दिखा।

450 भारतीयों ने देखा समुद्री बाहुबली

21 जून को योग दिवस के मौके पर आईएनएस तरकश को आम लोगों के लिए खोला गया। मॉरीशस में रहने वाले करीब 450 भारतीयों और स्थानीय लोगों ने इस समुद्री बाहुबली का दीदार किया। जहाज पर लगे घातक हथियार और अत्याधुनिक तकनीक देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।

चीन-पाक पर रहेगी पैनीनजर

हिंद महासागर में चीन और पाकिस्तान की बढ़ती गतिविधियों के बीच आईएनएस तरकश की तैनाती बेहद अहम है। दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर में यह युद्धपोत अब समुद्री लुटेरों, तस्करों और दुश्मन देशों की नौसेना की हर चाल पर पैनी नजर रखेगा। यह तैनाती प्रधानमंत्री मोदी की ‘सागर’ नीति के तहत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

तलवार क्लास का घातक योद्धा

आईएनएस तरकश तलवार क्लास का स्टेल्थ फ्रिगेट है, जो दुश्मन के रडार में आसानी से नहीं आता। ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइलों और अत्याधुनिक एंटी-सबमरीन हथियारों से लैस यह युद्धपोत अकेले ही दुश्मन के बेड़े को तबाह करने का दम रखता है।

मॉरीशस से लौटकर अब आईएनएस तरकश हिंद महासागर में भारत के समुद्री हितों की रक्षा करेगा और दुश्मनों को साफ संदेश देगा कि भारतीय जल सीमा में घुसपैठ की कोशिश भारी पड़ेगी।

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