नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने ईंधन बचत और कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई कार्य व्यवस्था लागू की है। अदालत की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार अब सप्ताह में दो दिन सुनवाई पूरी तरह वर्चुअल मोड में होगी, जबकि बाकी दिनों में हाइब्रिड व्यवस्था लागू रहेगी।
सोमवार और शुक्रवार को होगी ऑनलाइन सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देशों के मुताबिक सोमवार, शुक्रवार और “मिसलेनियस डे” पर मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी। इसके अलावा आंशिक कार्य दिवसों में भी अदालत की कार्यवाही ऑनलाइन मोड में ही संचालित होगी। कोर्ट प्रशासन को तकनीकी व्यवस्था मजबूत रखने और समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जज करेंगे कार पूलिंग
ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कार पूलिंग अपनाने का फैसला भी किया है। जरूरत के अनुसार जज एक ही वाहन में सफर करेंगे ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
कर्मचारियों को मिलेगी वर्क फ्रॉम होम सुविधा
सर्कुलर में कर्मचारियों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। आदेश के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की अलग-अलग शाखाओं और सेक्शनों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि अदालत के नियमित कामकाज को प्रभावित होने से बचाने के लिए बाकी कर्मचारियों की कार्यालय में मौजूदगी जरूरी होगी।
जरूरत पड़ने पर तुरंत आना होगा दफ्तर
वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों को फोन पर हमेशा उपलब्ध रहना होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत कार्यालय पहुंचना पड़ेगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी जरूरी काम समय पर पूरे हों। जिन शाखाओं में काम का दबाव ज्यादा होगा, वहां संबंधित रजिस्ट्रार वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था में बदलाव या उसे सीमित कर सकेंगे।