कुरुक्षेत्र: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने संत समाज और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास और भारतीय संस्कृति में उसकी अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर कहा कि आज का दिन देश के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। वह पिहोवा के ऐतिहासिक सोमेश्वर महादेव मंदिर में संत समाज को संबोधित कर रहे थे।
देशभर में मनाया जा रहा स्वाभिमान पर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व 11 जनवरी 2027 तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों को सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराएंगे।
उन्होंने सभी देशवासियों को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमनाथ पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। साथ ही 8 जून को श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष ट्रेन भी सोमनाथ के लिए रवाना होगी।
संत समाज से की विशेष अपील
सीएम नायब सैनी ने संत समाज से आह्वान किया कि वे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर के मंदिरों और तीर्थ स्थलों का तेजी से जीर्णोद्धार हो रहा है।
मंदिरों के विकास का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर से लेकर उज्जैन और अयोध्या के मंदिरों तक, देश के धार्मिक स्थलों के विकास और पुनर्निर्माण का कार्य लगातार किया जा रहा है। यह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
“सोमनाथ हमारी आस्था का प्रतीक”
पिहोवा के पौराणिक संगमेश्वर महादेव मंदिर में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर को इतिहास में कई बार तोड़ा और लूटा गया, लेकिन हर बार यह मंदिर फिर से खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि यह हमारी अटूट आस्था का प्रमाण है और यह संदेश देता है कि कोई भी ताकत भारतीय संस्कृति और विश्वास को मिटा नहीं सकती।
भविष्य के भारत का संकल्प
सीएम नायब सैनी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज जब मंदिर के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, तब यह केवल गर्व का विषय नहीं बल्कि भविष्य के भारत के संकल्प का भी प्रतीक है।