नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत पर भी दिखाई देने लगा है। संभावित वैश्विक संकट और आपूर्ति बाधाओं को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। इसी सिलसिले में ऊर्जा आपूर्ति, ईंधन उपलब्धता और आवश्यक वस्तुओं की स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्रियों के समूह (IGoM) की पांचवीं अहम बैठक आयोजित की गई।
उच्चस्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में देश में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक संघर्ष के कारण पैदा हो सकने वाले संभावित जोखिमों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार ने हालात पर लगातार नजर बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।
सरकार ने भरोसा दिलाया
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार देशभर में आवश्यक वस्तुओं और ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हालात को लेकर पूरी तरह गंभीर है और हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।
जनता से घबराने से बचने की अपील
रक्षा मंत्री ने लोगों से खास अपील करते हुए कहा कि वे शांत रहें और किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट से बचें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आपूर्ति श्रृंखला में किसी प्रकार की कमी या रुकावट न आए, इसके लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।
पीएम मोदी के संदेश का जिक्र
राजनाथ सिंह ने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सामूहिक भागीदारी और सहयोग की अपील की है। उनका मानना है कि यह पहल भारत को आत्मनिर्भर बनाने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में अहम साबित होगी।
वैश्विक संकट पर सरकार की नजर
सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के प्रभावों पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश में आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।