नई दिल्ली: अजित डोभाल और जोनाथन पॉवेल के बीच गुरुवार को नई दिल्ली में व्यापक वार्ता हुई। यह बैठक भारत-ब्रिटेन वार्षिक रणनीतिक संवाद के तहत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है।
आतंकवाद और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों पर चिंता
वार्ता में भारत ने आतंकवाद, चरमपंथ और खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं सामने रखीं। अजित डोभाल ने स्पष्ट किया कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है तथा इस दिशा में ब्रिटेन के सहयोग की अपेक्षा की।
रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति
दोनों पक्षों ने मौजूदा “अस्थिर भू-राजनीतिक वातावरण” के बीच भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर सहमति जताई। रक्षा, सुरक्षा और खुफिया सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
पश्चिम एशिया की स्थिति और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा
बैठक के दौरान पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति और उसके वैश्विक व्यापार तथा समुद्री सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्गों के महत्व को रेखांकित किया।
संवाद और कूटनीति ही समाधान
अजित डोभाल ने कहा कि किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने शांतिपूर्ण समाधान के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। यह वार्ता भारत और ब्रिटेन के बीच मजबूत होते संबंधों और वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।