नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने अपने चार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक तकनीक से लैस करने की घोषणा की है, ताकि युवाओं को पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऑटोमोटिव जैसे क्षेत्रों में उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण दिया जा सके।
कौशल विकास की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल कुशल और उद्योग-तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रयोगशालाएं न केवल तकनीकी क्षमता बढ़ाएंगी, बल्कि प्रशिक्षुओं को वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं से भी जोड़ेंगी।
‘स्किल इंडिया’ मिशन से जुड़ा प्रयास
मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ विजन से जुड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार दोनों के बेहतर अवसर मिलेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
चार आईटीआई में विशेष प्रयोगशालाएं
योजना के तहत आईटीआई जहांगीरपुरी में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जहां पीएलसी किट, वीएफडी ट्रेनर, सोलर पीवी किट और स्मार्ट एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरण होंगे। आईटीआई जेल रोड (हरि नगर) में वेल्डर प्रयोगशाला का आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिसमें उन्नत वेल्डिंग मशीनें और सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण सुविधाएं होंगी।
आईटीआई अरब की सराय (निजामुद्दीन) में ऑटोमोटिव लैब को वर्चुअल रियलिटी (VR) आधारित प्रशिक्षण प्रणाली से अपग्रेड किया जाएगा, जिससे ड्राइविंग, वेल्डिंग और पेंटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। वहीं आईटीआई एचजेबी मयूर विहार में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जहां बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, ईवी चार्जिंग और इलेक्ट्रिक मोटर तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आत्मनिर्भर युवाओं की दिशा में कदम
सरकार का कहना है कि यह पहल युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और उद्योग के लिए तैयार बनाएगी, जिससे भविष्य की मांग के अनुसार कुशल मानव संसाधन विकसित हो सकेगा।