नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को अपने इजराइली समकक्ष गिदोन सआर से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में उभरती सुरक्षा चुनौतियों और भू-राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा की।
क्षेत्रीय तनाव और समुद्री सुरक्षा
बातचीत में खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया गया। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह का अवरोध अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है। इजराइल ने ईरान की गतिविधियों पर चिंता जताई।
ईरान पर सख्त रुख की जरूरत
इजराइली विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका का ईरान के खिलाफ सख्त रुख जरूरी है, ताकि उसे परमाणु हथियार विकसित करने से रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मुद्दे पर एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया से भी चर्चा
जयशंकर ने पेनी वोंग से भी फोन पर बात की और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार-विमर्श किया। इस बातचीत में क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
अमेरिका-ईरान वार्ता की कोशिशें
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच नए दौर की बातचीत की संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि पहले चरण की वार्ता इस्लामाबाद में सफल नहीं हो सकी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तनाव को कम करने के लिए निरंतर संवाद और कूटनीतिक पहल बेहद जरूरी होगी।