भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के बच्चों की टीबी मुक्त करने के लिए भेजी BCG वैक्सीन की 13 टन डोज

India-Afghanistan: भारत ने अफगानिस्तान को टीबी के खिलाफ बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए 13 टन बीसीजी वैक्सीन और संबंधित सूखी सामग्री भेजी है। अफ़ग़ानिस्तान के बच्चों को टीबी मुक्त करने के लिए भारत का यह सबसे बड़ा कदम है।

विदेश मंत्रालय ने किया पोस्ट

भारत ने अफगानिस्तान के जन स्वास्थ्य मंत्रालय को 13 टन बीसीजी वैक्सीन (BCG Vaccine) सौंपी है। यह सहायता अफगानिस्तान में बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को और मजबूत बनाने तथा क्षय रोग (Tuberculosis) के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम है।

‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को बढ़ावा

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह डिलीवरी भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत की गई है। बीसीजी वैक्सीन मुख्य रूप से नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में टीबी संक्रमण से बचाव के लिए दी जाती है। अफगानिस्तान में टीबी एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है, जहां युद्ध, अस्थिरता और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

भारत ने पहले भी है ऐसी मदद

यह सहायता विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूनिसेफ (UNICEF) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय में की गई है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अफगानिस्तान को चिकित्सा सहायता के कई बैच भेजे हैं, जिसमें जीवन रक्षक दवाएं, एंटी-टीबी दवाएं और अन्य जरूरी सामग्री शामिल रही है। अब तक भारत की ओर से कुल 45 टन से ज्यादा चिकित्सा सहायता अफगानिस्तान पहुंचाई जा चुकी है।

अफ़ग़ानिस्तान ने किया भारत का शुक्रिया

विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह डिलीवरी अफगान लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस सहायता का स्वागत किया है और इसे बच्चों के टीकाकरण कवरेज बढ़ाने में उपयोगी बताया है। हाल के वर्षों में भारत ने अफगानिस्तान को दवाओं, वैक्सीनों और स्वास्थ्य उपकरणों की कई खेपें भेजी हैं, खासकर कोविड-19 महामारी और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान।

यह कदम न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करता है बल्कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा में भी योगदान देता है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अफगानिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र में जरूरत पड़ने पर सहायता जारी रहेगी।

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