नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं और आशा जताई कि त्योहार का यह मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए।
क्षेत्रीय स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता
प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि समुद्री मार्ग खुले और सुरक्षित रहें।
मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से बात की और ईद एवं नवरोज की शुभकामनाएं दी। आशा करते हैं कि यह मौसम पश्चिम एशिया में शांति और समृद्धि लाए। हमने क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की।”
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयास
प्रधानमंत्री ने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की भी सराहना की। मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद यह उनकी दूसरी टेलीफोन बातचीत थी। 12 मार्च को पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री को ईरान की स्थिति और हाल के घटनाक्रम की जानकारी दी थी।
भारत का रुख और वैश्विक बातचीत
विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोदी ने क्षेत्र में उभरती सुरक्षा स्थिति पर चिंता व्यक्त की और भारत के रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए। इस दौरान मोदी ने कई अन्य देशों के नेताओं से भी बात की, जिनमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस और मलेशिया शामिल हैं।
संघर्ष के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित किया है, जो विश्व के 20 प्रतिशत ऊर्जा उत्पादों के परिवहन का मार्ग है। इस दौरान समुद्री मार्ग से बहुत कम जहाजों को गुजरने की अनुमति मिली है।