अयोध्या: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बृहस्पतिवार को अयोध्या के राम मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने विशेष धार्मिक समारोहों के तहत 150 किलोग्राम सोने से जड़ित श्री राम यंत्र स्थापित किया। राष्ट्रपति के आगमन पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और विधानसभा अध्यक्ष ब्रजेश पाठक ने उनका स्वागत किया।
श्री राम यंत्र का आध्यात्मिक महत्व
मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा कि यह यंत्र वैदिक गणित पर आधारित है और सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए बनाया गया है। 150 किलोग्राम सोने की परत वाली चौकोर धातु की प्लेट पर वैदिक और बीज मंत्र उत्कीर्ण हैं। मिश्रा ने बताया कि यह यंत्र कांची कामकोटि पीठम के श्री राम यंत्र पर आधारित है और स्वामी विजयेंद्र सरस्वती के मार्गदर्शन में तैयार किया गया।
मिश्रा ने कहा कि यंत्र लगभग दो साल पहले तिरुपति देवस्थानम से औपचारिक जुलूस के रूप में अयोध्या लाया गया और तब से इसकी प्रतिदिन पूजा होती रही है। इसे चैत्र नवरात्र और हिंदू नव वर्ष से जुड़े अनुष्ठानों के हिस्से के रूप में शुभ ‘अभिजीत मुहूर्त’ पर मंदिर की दूसरी मंजिल में स्थापित किया जाएगा।
सख्त सुरक्षा और यातायात प्रबंध
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे अयोध्या में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने बताया कि मंदिर परिसर और शहर भर में 7,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल और यातायात प्रतिबंध लागू किए गए हैं। अधिकारियों ने निवासियों और श्रद्धालुओं से सहयोग करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहने का अनुरोध किया है।