नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी ने चैत्र नवरात्र के अवसर पर गुरुवार को देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सभी के कल्याण के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह त्योहार भक्ति और आध्यात्मिकता का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ त्याग और आत्मसंयम की भावना को भी मजबूत करता है।
नवरात्र का धार्मिक महत्व
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के लोगों को लिखे पत्र में कहा कि नवरात्र मां शक्ति के नौ विविध रूपों की पूजा का पर्व है। उन्होंने कहा कि यह उपनिषद के दर्शन “एकोहम बहुस्यम” को दर्शाता है, जिसके चलते लोग ईश्वर के अनेक रूपों में आस्था रखते हैं।
विविधता में एकता का संदेश
उन्होंने कहा, “यही दृष्टिकोण भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ के रूप में स्थापित करता है और ‘विविधता में एकता’ को हमारा स्वाभाविक सिद्धांत बनाता है।” उन्होंने नवरात्र के नौ दिनों के दौरान सभी नागरिकों के कल्याण के लिए मां आदि शक्ति से प्रार्थना की।
नववर्ष की शुभकामनाएं
नरेंद्र मोदी ने कहा, “नए साल और चैत्र नवरात्र के पवित्र और शुभ अवसर पर, मैं आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन प्राचीन और वैज्ञानिक भारतीय समय-निर्धारण प्रणाली में एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु है। उन्होंने बताया कि आज से युगाब्द वर्ष 5128 और विक्रम संवत वर्ष 2083 की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि अगले नौ दिनों तक देशभर में नवरात्र मनाया जाएगा। इस दौरान कई श्रद्धालु भोजन और सुविधाओं का त्याग कर संयम और अनुशासन की राह पर चलते हैं, जिससे आत्मनियंत्रण और समर्पण की भावना मजबूत होती है।