नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में सामान्य पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) पुनर्विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का कुल मूल्य 15,200 करोड़ रुपये है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने सरोजिनी नगर जीपीआरए टाइप-5 क्वार्टर का दौरा किया और महिला लाभार्थियों को चाबियां सौंपीं। उन्होंने कुछ महिला श्रमिकों से भी बातचीत की।
मुख्य कॉलोनियों में आधुनिकीकरण
ये परियोजनाएं सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसी प्रमुख कॉलोनियों में चल रही हैं। इनका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवास और प्रशासनिक कार्यालयों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करना है।
आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल
इस योजना में परियोजना क्षेत्र के कुछ हिस्सों को वाणिज्यिक और आवासीय विकास के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग आधुनिक सरकारी फ्लैट, सहायक बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास में किया जाएगा, ताकि सरकारी खजाने पर दबाव न पड़े।
सरकारी कर्मचारियों के लिए सुविधाएं
इस योजना के तहत 9,350 से अधिक आधुनिक फ्लैट बनाए जाएंगे और लगभग 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र तैयार होगा। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और सरकारी कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीपीआरए परियोजनाएं न केवल सरकारी कर्मचारियों के जीवन को बेहतर बनाएंगी, बल्कि दिल्ली के शहरी बुनियादी ढांचे को भी आधुनिक और मजबूत बनाएंगी।