CM Adityanath Japan investment: (लखनऊ): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जापान की कंपनियों को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने यह संदेश जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश निवेश रोड शो’ में अपने संबोधन के दौरान दिया।
तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और मजबूत बुनियादी ढांचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनकर उभरा है। पिछले नौ वर्षों में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है। उन्होंने राज्य में बने एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डे और औद्योगिक पार्कों का जिक्र करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे को अभूतपूर्व गति दी गई है।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में अवसर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश की देश की खेती योग्य भूमि में केवल 11 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के बावजूद भारत के खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत योगदान है, जिससे राज्य को भारत की ‘फूड बास्केट’ होने का गौरव प्राप्त है। उन्होंने जापानी कंपनियों को खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण और लॉजिस्टिक में निवेश करने और खेत से बाजार तक मूल्य संवर्धन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया।
जल संसाधन और श्रम शक्ति
मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश के व्यापक जल संसाधनों का जिक्र करते हुए कहा कि ये खेती, हरित हाइड्रोजन और पंप स्टोरेज परियोजनाओं जैसे उभरते क्षेत्रों में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 56 प्रतिशत आबादी काम करने योग्य है, जिससे निवेशकों को कार्य कुशल और किफायती श्रम शक्ति उपलब्ध है।
औद्योगिक और हवाई संपर्क के अवसर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक पार्क विकसित किए गए हैं और जापानी व्यवसायियों को निजी औद्योगिक पार्क परियोजनाओं में योगदान देने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने राज्य के 16 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का उल्लेख किया और कहा कि नोएडा में बनने वाला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत का सबसे बड़ा होगा।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन
मुख्यमंत्री योगी ने भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान राम का जन्मस्थान है और यहाँ कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती और कुशीनगर जैसे प्रमुख बौद्ध स्थल हैं। आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रामायण और बौद्ध सर्किट जैसी पहल की जा रही हैं। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली जापान यात्रा है। इसका उद्देश्य रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना है।