नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पेमा खांडू को पत्र लिखकर राज्यवासियों को बधाई दी। पत्र में प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश को देश का वह राज्य बताया जहां सूर्य सबसे पहले उगता है और इसकी भौगोलिक स्थिति के अनुसार इसे विशेष गौरव प्राप्त है।
लोगों का ‘जय हिंद’ अभिवादन और जनजातीय विविधता
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा कि अरुणाचल प्रदेश के लोगों का एक-दूसरे को ‘जय हिंद’ कहकर अभिवादन करना राष्ट्रीय गौरव और एकता की जीवंत पुष्टि है। उन्होंने कहा कि राज्य विभिन्न जीवंत जनजातीय समुदायों का घर है, जिनमें हर समुदाय की अपनी अनूठी परंपराएं और जीवन मूल्य हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों के सतत विकास के प्रति जुनून की सराहना की और लिखा कि उनकी बार-बार की यात्राओं में राज्यवासियों का स्नेह अतुलनीय रहा है।
जीएसटी ‘बचत उत्सव’ और नवाचार
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि जीएसटी ‘बचत उत्सव’ का आरंभ ईटानगर से हुआ था, जब उन्हें राज्य भर के स्वयं सहायता समूहों और व्यापारियों से बातचीत करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों की नवाचार की भावना और उनके उत्पादों के प्रति जुनून चावल, अचार, चाय, हस्तशिल्प, कालीन, मिठाई उत्कृष्ट और प्रेरक है।
पूर्वोत्तर की प्रगति और कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि केंद्र सरकार ने पूरे पूर्वोत्तर की प्रगति के लिए अभूतपूर्व संसाधन समर्पित किए हैं। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के कई लोग केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बने और पिछले दशक में राज्य में मंत्रियों के दौरे पिछली सरकारों की तुलना में अधिक हुए। प्रधानमंत्री ने राज्य में सड़क निर्माण, डोनी पोलो हवाई अड्डा और सेला सुरंग जैसी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सर्वांगीण कनेक्टिविटी के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दिखाता है।
पीएम मोदी ने सीमावर्ती गांवों को लेकर पारंपरिक सोच को बदलने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार ये ‘अंतिम गांव’ नहीं बल्कि ‘पहले गांव’ हैं। इसी दृष्टिकोण के तहत ‘जीवंत ग्राम कार्यक्रम’ शुरू किया गया, जिससे राज्य को व्यापक लाभ मिला।
ज्ञान भारतम मिशन और पर्यटन
प्रधानमंत्री ने ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत तवांग, पश्चिम कामेंग, शि-योमी, ऊपरी सियांग और नामसाई जिलों में दुर्लभ पांडुलिपियों का दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह राज्य की समृद्ध बौद्धिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में सहायक होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक पर्यटक अरुणाचल प्रदेश आएं और इसकी प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें। मोदी ने राज्य के लोगों द्वारा राष्ट्र की प्रगति, सुरक्षा और विकास में योगदान की सराहना की, जिसमें सैनिक, खिलाड़ी, कलाकार, उद्यमी और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं।