नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि प्रदूषण नियंत्रण कोई मौसमी चुनौती नहीं है, बल्कि इसके लिए वर्षभर सतत प्रयास, कड़ी निगरानी और नियमों के सख्त पालन की आवश्यकता है।
छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र शुरू
मुख्यमंत्री गुप्ता ने राजधानी में वायु गुणवत्ता की वास्तविक समय निगरानी का दायरा बढ़ाने के लिए छह नए ‘सतत वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन’ (सीएएक्यूएमएस) का उद्घाटन किया। ये केंद्र वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा स्थापित किए गए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण नियमों के प्रभावी प्रवर्तन को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 100 ‘वायु रक्षक’ वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन औद्योगिक, वाहनजनित, होटल और संस्थागत प्रदूषण की निगरानी करेंगे। दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदूषण के स्रोतों की पहचान और समाधान के लिए शहरभर में व्यापक निगरानी और दीर्घकालिक नीतिगत कार्रवाई की दिशा में काम कर रही है।
हर 25 वर्ग किलोमीटर में एक निगरानी केंद्र का लक्ष्य
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में प्रत्येक 25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कम से कम एक वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र हो, ताकि प्रदूषण के स्तर और उसके स्रोतों की सटीक जानकारी मिल सके।”
इन स्थानों पर स्थापित हुए नए केंद्र
छह नए निगरानी केंद्र जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के पश्चिमी परिसर (द्वारका), सीडब्ल्यूजी अक्षरधाम, दिल्ली कैंट स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय और तालकटोरा गार्डन स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्विमिंग पूल कॉम्प्लेक्स में स्थापित किए गए हैं।
14 और केंद्र स्थापित करने की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में 46 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र कार्यरत हैं और आगामी चरण में 14 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे आवासीय क्षेत्रों, औद्योगिक इलाकों, यातायात गलियारों और हरित पट्टियों की व्यापक निगरानी संभव होगी। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदूषण से निपटने के लिए 365 दिन निगरानी और सतत कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए वायु सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
पर्यावरण मंत्री ने बताए प्रवर्तन के कदम
कार्यक्रम में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कड़ी निगरानी के लिए 100 ‘वायु रक्षक’ वाहन पूरे शहर में तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, वर्षभर जमीनी स्तर पर निरीक्षण सुनिश्चित करने के लिए 100 स्थायी सर्वेक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी।