Surajkund Jhoola Accident: (चंडीगढ़) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में हुए झूला हादसे को दुखद बताया और अधिकारियों को मेले और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में सख्त सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने मृतक निरीक्षक जगदीश प्रसाद के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में उन्हें हर संभव मदद और समर्थन मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में सभी सार्वजनिक आयोजनों और मेले में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। सीएम सैनी ने कहा, “हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सूरजकुंड हादसा हमें यह याद दिलाता है कि सुरक्षा नियमों का पालन कोई विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है।”
कैसे हुआ था हादसा
यह दुर्घटना सूरजकुंड मेले के दौरान हुई, जब झूला अचानक झुककर टूट गया और जमीन पर गिर पड़ा। घटना के समय झूले पर लगभग 19 लोग सवार थे। इस हादसे में 58 वर्षीय पुलिस निरीक्षक जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जिन्हें 2019-20 में हरियाणा राज्यपाल द्वारा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की।
सीएम सैनी ने कहा कि गंभीर रूप से घायल लोगों को राज्य सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सूरजकुंड मेले में लगे झूलों की हर दिन निरीक्षण किया जाता है और इस हादसे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
दुर्घटना के जिम्मेदार लोगों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना की जांच के लिए आदेश दे दिए गए हैं। हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के निर्देश पर फरीदाबाद के पुलिस उपायुक्त (अपराध) की देखरेख में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने बताया कि हिमाचल फन केयर कंपनी के मालिक और झूले लगाने के लिए जिम्मेदार मोहम्मद शाकिर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और अन्य प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सीएम सैनी ने कहा कि जो भी लोग इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सार्वजनिक सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और सूरजकुंड हादसे से प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।