गुजरात में PM मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने उड़ाई पतंग, संबंधों को किया मजबूत

Gujarat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार को अहमदाबाद में पतंग उड़ाई। यह मर्ज की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा थी, जो 13 जनवरी तक चलेगी। दोनों नेताओं ने साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां उन्होंने फूल चढ़ाए और विजिटर्स बुक पर हस्ताक्षर किए।

इसके बाद वे साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 के उद्घाटन में शामिल हुए। दोनों ने मिलकर पतंग उड़ाई, जिसमें भगवान हनुमान और तिरंगे वाली पतंगें शामिल थीं। यह उत्सव मकर संक्रांति से पहले तीन दिनों (12-14 जनवरी) तक है , जिसमें 50 देशों से 135 अंतरराष्ट्रीय, 65 भारतीय और 871 गुजराती पतंगबाज़ भाग ले रहे हैं।

भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत

बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। 2026 में दोनों देश 75 वर्ष पूरे कर रहे हैं, जबकि रणनीतिक साझेदारी 25 वर्ष की हो चुकी है। कई महत्वपूर्ण समझौते साइन हुए:

  • सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पार्टनरशिप पर जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट।
  • क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग पर जॉइंट डिक्लेरेशन।
  • डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन को मजबूत करने पर समझौता।
  • अन्य क्षेत्रों में शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, ग्रीन एनर्जी और ट्रेड पर MoUs।

रक्षा सहयोग में बड़ा फोकस था। थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (जर्मनी) और मझगांव डॉक (भारत) के बीच 6 स्टेल्थ पनडुब्बियों की डील पर चर्चा हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 52,000-70,000 करोड़ रुपये (लगभग $8 बिलियन) है। यह भारत की सबसे बड़ी डिफेंस डील हो सकती है, जिसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और भारत में निर्माण शामिल है। हालांकि, अंतिम समझौता इस यात्रा में नहीं हुआ, लेकिन नेगोशिएशंस तेज हुए।

दोनों पक्ष सुरक्षा और सप्लाई चेन को करेंगे मजबूत

पीएम मोदी ने कहा कि ये MoUs सहयोग को नई गति देंगे। मर्ज ने भारत के साथ सुरक्षा और सप्लाई चेन मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक गांधीनगर के महात्मा मंदिर में डेलिगेशन-लेवल टॉक्स के साथ समाप्त हुई, जहां CEOs फोरम भी हुआ।

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