(ढाका): बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी खालिदा जिया का मंगलवार तड़के 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह ढाका के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रही थीं। उनके निधन की पुष्टि उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर की।
खालिदा जिया और शेख हसीना के बीच दशकों चली राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता ने एक पीढ़ी तक बांग्लादेश की राजनीति को परिभाषित किया। दोनों नेताओं के बीच सत्ता संघर्ष देश के राजनीतिक इतिहास का केंद्रीय विषय बना रहा।
लंबे समय से थी गंभीर बीमारी
बीएनपी के अनुसार, खालिदा जिया पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार थीं। देर रात उनकी हालत और बिगड़ने पर उन्हें राजधानी ढाका के एक विशेष निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निजी समाचार एजेंसी यूएनबी के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड के सदस्य डॉ. जियाउल हक ने बताया था कि उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। उन्हें नियमित रूप से किडनी डायलिसिस की आवश्यकता थी और डायलिसिस रुकते ही उनकी हालत बिगड़ जाती थी।इस दौरान उनके बड़े बेटे और बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान सहित परिवार के करीबी सदस्य ढाका के एवरकेयर अस्पताल पहुंचे थे।
कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक उतार-चढ़ाव
खालिदा जिया पर कई भ्रष्टाचार के मामले दर्ज थे, जिन्हें उन्होंने हमेशा राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। जनवरी 2025 में बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय ने उन्हें अंतिम भ्रष्टाचार मामले में बरी कर दिया था, जिससे फरवरी में होने वाले चुनावों में उनके उम्मीदवार बनने का रास्ता साफ हो गया था। वह इलाज के लिए ब्रिटेन गई थीं और मई में स्वदेश लौटी थीं। इससे पहले जनवरी की शुरुआत में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति दी थी, जबकि शेख हसीना सरकार के दौरान उनके ऐसे अनुरोध कम से कम 18 बार खारिज किए गए थे।
राजनीतिक विरासत
खालिदा जिया का विवाह देश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान से हुआ था, जिनकी 1981 में एक सैन्य तख्तापलट के दौरान हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने सैन्य तानाशाही के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप 1990 में तानाशाही शासन का पतन हुआ।खालिदा जिया ने 1991 में पहली बार प्रधानमंत्री पद संभाला और फिर 2001 से 2006 तक दोबारा इस पद पर रहीं। वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने देश में लोकतंत्र की बहाली में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि पड़ोसी देश के विकास और भारत–बांग्लादेश संबंधों में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मोदी ने 2015 में ढाका में हुई अपनी मुलाकात को याद करते हुए उनके परिवार और बांग्लादेश की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की। खालिदा जिया के निधन को बांग्लादेश की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।