(नई दिल्ली): केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण पर केंद्रित दिल्ली मेट्रो अभियान की शुरुआत बुधवार को सुल्तानपुर मेट्रो स्टेशन से की। यह अभियान 10 दिसंबर से 10 जनवरी तक चलेगा और मेट्रो ट्रेन व चुनिंदा स्टेशनों पर प्रदर्शित संदेशों के माध्यम से लाखों यात्रियों तक संदेश पहुंचाएगा।
महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
अभियान का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और डिजिटल समावेशन के महत्व को रेखांकित करना है। इसके साथ ही यह तपेदिक और प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण (PC-PNDT) के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम करेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा, “अगर महिलाएं स्वस्थ नहीं होंगी तो कोई भी परिवार या राष्ट्र सही मायने में प्रगति नहीं कर सकता। दिल्ली मेट्रो के माध्यम से यह संदेश सीधे जनता तक पहुंचेगा।”
संदेश मेट्रो में सीधे यात्रियों तक
श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान के तहत स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े संदेश मेट्रो ट्रेन के डिब्बों और स्टेशन के बाहर प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने लिंग जांच की नई तकनीकों के बढ़ते उपयोग की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि इसके खिलाफ लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।
WHO का सहयोग और अभियान का महत्व
विश्व स्वास्थ्य संगठन की दक्षिण-पूर्व एशिया प्रभारी कैथरीना बोहेम ने कहा, “आज लैंगिक हिंसा के खिलाफ 16 दिनों के अभियान का अंतिम दिन है। इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो अभियान शुरू हो रहा है। यह पहल महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि स्वस्थ महिलाएं स्वस्थ परिवार, समुदाय और राष्ट्र की नींव हैं।
अभियान की अवधि और असर
अभियान 10 दिसंबर से 10 जनवरी तक चलेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO की साझेदारी इसे महिलाओं तक सीधे संदेश पहुंचाने वाला सशक्त माध्यम बनाएगी। अभियान के जरिए दिल्ली मेट्रो के लाखों यात्रियों तक स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े संदेश पहुंचेंगे और महिलाओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और जागरूकता बढ़ेगी।