Mist sprayer technology: (नई दिल्ली): मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए मिस्ट स्प्रे तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने की एक व्यापक योजना तैयार कर रही है। उन्होंने आईटीओ में पहले से लगाए गए मिस्ट स्प्रेयर का निरीक्षण किया और बताया कि दिल्ली के नौ प्रमुख प्रदूषण-प्रभावित क्षेत्रों में कुल 305 मिस्ट स्प्रेयर लगाए जा रहे हैं।
आईटीओ पर लगे 35 स्प्रेयर दे रहे सकारात्मक परिणाम
मुख्यमंत्री के अनुसार, मिस्ट स्प्रेयर हवा में उड़ती धूल को कम करने के लिए सूक्ष्म जल कणों का छिड़काव करते हैं, जिससे धूल नीचे बैठ जाती है और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि एनडीएमसी क्षेत्रों में किए गए मिस्ट स्प्रेयर के ट्रायल के परिणाम भी संतोषजनक रहे हैं। आईटीओ पर स्थापित 35 मिस्ट स्प्रेयर अच्छे परिणाम दे रहे हैं और इसी आधार पर इस तकनीक को शहरभर में विस्तार देने पर विचार किया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन
गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण के समाधान पर सरकार को तकनीकी सलाह देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस समिति में सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा IIT और पर्यावरण विज्ञान के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। समिति को विशेष शक्तियाँ प्रदान की जाएँगी, जिससे वह प्रदूषण नियंत्रण नीतियों पर त्वरित निर्णय ले सके।
विभागों को प्रदूषण रोकने के लिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (PWD), डीएसआईआईडीसी और डीडीए सहित कई विभागों को प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सड़क सुधार, निर्माण स्थलों की निगरानी और धूल नियंत्रण के उपायों को तेज किया जाएगा।
जनता से सहयोग की अपील
सीएम रेखा गुप्ता ने नागरिकों से दिल्ली सरकार के पोर्टल पर सड़कों पर बने गड्ढों की सूचना देने का आग्रह किया, ताकि उनकी जल्द मरम्मत की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आरडब्ल्यूए को आवासीय क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा गार्डों को हीटर उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि वे सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लकड़ी या कचरा जलाने जैसी गतिविधियाँ न करें, जो प्रदूषण बढ़ाती हैं।