Manohar Lal Khattar: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को दिल्ली में दो महत्वपूर्ण शहरी विकास पहलों डंपसाइट रीमेडिएशन एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (डीआरएपी) और शहरी निवेश खिड़की (यूआईडब्ल्यूआईएन) का शुभारंभ किया। ये पहलें पूरे भारत में टिकाऊ और निवेश-अनुकूल शहरों के निर्माण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही हैं।
डीआरएपी पुराने कूड़ाघरों को स्वच्छ बनाने का मिशन
डीआरएपी का उद्देश्य देश के पुराने डंपसाइट्स को सितंबर 2026 तक पूरी तरह से रीमेडिएट करना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे न केवल शहरों की सफाई और स्वच्छता में सुधार होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य में भी बड़ी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से चल रहे कचरा और प्रदूषण के संकट को कम करने में निर्णायक साबित होगी।
UIWIN: निवेश और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा
शहरी निवेश खिड़की (यूआईडब्ल्यूआईएन) पहल का लक्ष्य शहरों में निजी और बहुपक्षीय निवेश को आकर्षित करना है। मंत्री ने बताया कि इससे शहरों में सड़क, जल, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी। यूआईडब्ल्यूआईएन विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप स्मार्ट और टिकाऊ शहरों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
विकसित भारत @2047 और शहरी आबादी का महत्व
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत की शहरी आबादी कुल जनसंख्या का लगभग 50 प्रतिशत होगी। इस तेजी से बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, निजी निवेशकों और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छ, हरित और रहने योग्य शहरों के निर्माण में सभी अंशधारकों का सहयोग जरूरी है।
राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2025 में पहलों का परिचय
डीआरएपी और यूआईडब्ल्यूआईएन का शुभारंभ दो दिवसीय ‘यूआईडब्ल्यूआईएन 2025’ के दौरान किया गया। इस कार्यक्रम में शहरी विकास के अन्य प्रमुख कार्यक्रमों को भी पेश किया गया। मंत्री ने कहा कि ये पहलें न केवल पर्यावरण और स्वास्थ्य में सुधार लाएंगी, बल्कि निवेश और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा करेंगी। डीआरएपी के तहत पुराने कूड़ाघरों का सुरक्षित प्रबंधन स्थानीय समुदायों की जीवन गुणवत्ता में सुधार करेगा। वहीं, यूआईडब्ल्यूआईएन शहरों में निवेश को बढ़ावा देकर आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करेगा।