Defense Minister Rajnath Singh: (गाजियाबाद): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने यह बात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यशोदा मेडिसिटी के उद्घाटन समारोह के अवसर पर कही। इस अवसर पर सिंह ने कहा कि भारत वह मार्ग अपनाने की दिशा में अग्रसर है जिसका सपना हमारे पूर्वजों ने देखा था एक शक्तिशाली, स्वस्थ और समृद्ध राष्ट्र।
स्वास्थ्य और विकास का सीधा संबंध
राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि राष्ट्र की हर नीति हर प्रयास और हर कदम देश के गरीब, वंचित और ग्रामीण जनमानस को समर्पित हैं। उन्होंने कहा हम मानते हैं कि जब भारत का हर नागरिक स्वस्थ होगा तभी भारत सशक्त होगा। सिंह ने आगे कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है और इसके लिए नागरिकों का स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि जब तक नागरिकों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य उत्तम नहीं होगा, तब तक देश की प्रगति और सशक्तिकरण अधूरी रहेगा।
यशोदा मेडिसिटी का गौरव
रक्षा मंत्री ने यशोदा मेडिसिटी की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस संस्थान को दक्षिण एशिया में रोबोटिक सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मान्यता मिलना गर्व की बात है। यह उपलब्धि न केवल मेडिकल प्रशिक्षण बल्कि तकनीकी अनुसंधान और नवाचार में भी नई दिशा देगी। सिंह ने कहा हम जब भी किसी सफल व्यक्ति की कहानी पढ़ते हैं, तो पाते हैं कि हर बड़ी यात्रा की शुरुआत किसी न किसी व्यक्तिगत पीड़ा से होती है। यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन डॉ. पी एन अरोड़ा ने 1986 में अपनी माता को कैंसर से होते हुए देखा। इस व्यक्तिगत पीड़ा ने उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा और नवाचार की ओर प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि डॉ. अरोड़ा की इसी प्रेरणा और संघर्ष ने यशोदा मेडिसिटी को जन्म दिया, जो आज मेडिकल प्रशिक्षण, उन्नत सर्जरी तकनीक और रोगियों की देखभाल में उत्कृष्ट मानक स्थापित कर रहा है।
भारत के स्वास्थ्य सुधार की दिशा
रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भारत में स्वास्थ्य सुधार केवल व्यक्तिगत या संस्थागत स्तर तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसका प्रभाव सीधे राष्ट्रीय सशक्तिकरण और विकास से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सिंह ने आगे कहा कि यशोदा मेडिसिटी जैसी संस्थाएं न केवल मरीजों के जीवन में बदलाव लाती हैं, बल्कि स्वास्थ्य शिक्षा, तकनीकी नवाचार और प्रशिक्षण के माध्यम से भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करती हैं।
समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा
रक्षा मंत्री ने डॉ. अरोड़ा की कहानी को उदाहरण बताते हुए कहा कि व्यक्तिगत पीड़ा और चुनौतियां यदि सही दिशा में उपयोग की जाएं, तो वे समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा बन सकती हैं। उनका कहना था कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से देश के नागरिकों की जीवन गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। अंत में राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के विकास के लिए केवल आर्थिक या सैन्य शक्ति ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, जागरूक और सक्षम नागरिक समाज ही राष्ट्र को सशक्त और विकसित बना सकता है।