IPS Suicide Case: चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित सरकारी आवास में हरियाणा कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार (2001 बैच, ADGP रैंक) ने 7 अक्टूबर को अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। उनकी बेटी ने बेसमेंट में शव की खोजबीन के दौरान उन्हें खून से लथपथ पाया था। घटना के समय उनकी पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार, हरियाणा CM नायब सिंह सैनी के साथ जापान के आधिकारिक दौरे पर थीं। पुलिस ने इसे आत्महत्या करार दिया था और CFSL (सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम ने जांच शुरू कर दी है। अब इस केस में कई बड़े खुलासे सामने आये हैं।
सुसाइड नोट में बड़े खुलासे
मौके से एक 9-पेज का सुसाइड नोट और वसीयत बरामद हुई, जिसमें पूरन कुमार ने नौकरी से जुड़े गहरे असंतोष को मौत की मुख्य वजह बताया। नोट अंग्रेजी में है और इसमें 30-35 IPS/IAS अधिकारियों के नाम उल्लेखित हैं, जिन्हें उन्होंने जातिवादी भेदभाव, प्रमोशन में अनियमितता, पोस्टिंग में पक्षपात, ACR (एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट) में हेरफेर, सरकारी सुविधाओं (जैसे आवास/वाहन) से वंचन और प्रशासनिक उत्पीड़न का जिम्मेदार ठहराया।
जातिवाद का आरोप
पूरन कुमार SC (शेड्यूल्ड कास्ट) कैटेगरी से थे। उन्होंने नोट में SC अधिकारियों के खिलाफ सिस्टमिक भेदभाव का जिक्र किया, जैसे गलत प्रमोशन, नोटिस भेजकर परेशान करना और मंत्रालय के नियमों का उल्लंघन। यह उनके पिछले शिकायत पत्रों (2022-2023 में CM और गृह विभाग को) से जुड़ता है, जहां उन्होंने DIG प्रमोशन, वेतन संशोधन और SC अधिकारियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भेदभाव की शिकायत की थी।
भ्रष्टाचार कनेक्शन
हाल ही में रोहतक में उनके गनमैन (हेड कांस्टेबल सुशील कुमार) को शराब ठेकेदार से रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। सुशील ने पूछताछ में पूरन कुमार का नाम लिया, जिससे उन पर दबाव बढ़ा। कुछ रिपोर्ट्स में शराब कारोबार, ऑडियो क्लिप और रिश्वत के लिंक का जिक्र है, जो मानसिक तनाव बढ़ा सकता था।
पूरन कुमार को “सिद्धांतवादी और निर्भीक” अधिकारी माना जाता था। वे रोहतक रेंज ADGP से हाल ही में PTC सुनारिया (रोहतक) में IGP ट्रांसफर हुए थे। उनके करियर में SC अधिकारियों के अधिकारों पर कई हस्तक्षेप थे, जैसे 2024 चुनाव में एक IPS की पोस्टिंग पर चुनाव आयोग को शिकायत, और पुरानी कार आवंटन पर आपत्ति होना शामिल है। फिलहाल इस पूरे मामले की जाँच की जा रही है।