Amit Shah Haryana visit: (कुरुक्षेत्र): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में तीन नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) पर आयोजित एक सप्ताह तक चलने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन नए कानूनों के लागू होने से देश की न्याय प्रक्रिया सरल, त्वरित और समयबद्ध हो जाएगी।
तीन नए कानून, न्याय प्रणाली में बदलाव
अमित शाह ने कहा कि ये तीन कानून भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएंगे। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता अपराधों की परिभाषा, सजा और न्याय प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता से नागरिक सुरक्षा के मामलों को प्रभावी तरीके से निपटाया जाएगा। वहीं, भारतीय साक्ष्य अधिनियम अदालतों में सबूतों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ाएगा, जिससे न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी और त्वरित होगी।
न्याय प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश में लोगों के मन में यह धारणा है कि पुलिस थाने जाने के बाद न्याय मिलने में कई साल लग जाते हैं, लेकिन नए कानूनों के लागू होने के बाद ऐसा नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 के बाद किसी भी प्राथमिकी का औसत निपटारा तीन साल के भीतर हो जाएगा। शाह ने कहा, “मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 2026 के बाद किसी भी प्राथमिकी का निपटारा औसतन तीन साल में हो जाएगा और न्याय सुनिश्चित होगा।”
नए कानूनों के प्रभाव के आंकड़े
अमित शाह ने नए कानून लागू होने के एक वर्ष के आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि देश भर में दर्ज 53 प्रतिशत आपराधिक मामलों में आरोप पत्र 60 दिनों के भीतर, और 65 प्रतिशत मामलों में 90 दिनों के भीतर दायर किए गए। हरियाणा में स्थिति और बेहतर है, जहां 71 प्रतिशत मामलों में 60 दिनों के भीतर और 83 प्रतिशत मामलों में 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दायर किए गए। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के बाद हरियाणा में दोषसिद्धि की दर दोगुनी होकर 80 प्रतिशत हो गई है।
अमित शाह ने हरियाणा की जनता को बधाई दी, जिन्होंने भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने का जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य के विकास और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। शाह ने आश्वासन दिया कि नए कानूनों के तहत तीन साल के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और अदालतों में ‘तारीख पे तारीख’ की समस्या खत्म होगी।
न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नए आपराधिक कानून न केवल न्याय प्रक्रिया को तेज करेंगे, बल्कि न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ाएंगे। भारतीय साक्ष्य अधिनियम के कारण साक्ष्यों की जांच और प्रस्तुति में वैज्ञानिक विधियों का उपयोग बढ़ेगा, जिससे फर्जी सबूतों को कम किया जा सकेगा। इससे अदालतों के फैसले और भी मजबूत और त्वरित होंगे।
अमित शाह ने कहा कि सरकार न्याय व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। नए कानूनों के माध्यम से न्याय का अधिकार हर नागरिक तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ये कानून देश के कानूनी तंत्र को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जो अपराधों के तेजी से निपटारे के साथ न्याय मिलने में हो रही देरी को समाप्त करेंगे।