Trump Nobel Prize eagerness (वाशिंगटन): अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नोबेल पुरस्कार पाने की बेताबी और भी ज्यादा बढ़ गई है। एक दिन पहले ही गाजा शांति प्लान पेश करने के बाद ट्रंप ने कहा है कि अगर उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया गया, तो यह अमेरिका के लिए “बड़े अपमान” की बात होगी। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने हाल के वर्षों में सात से आठ वैश्विक संघर्षों को समाप्त कराने में अहम भूमिका निभाई है, जिनमें ताज़ा मामला गाजा संघर्ष को समाप्त करने की योजना से जुड़ा है।
ट्रंप ने किया गाजा यु्द्ध सुलझाने का दावा
क्वांटिको में सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि हमने गाजा संकट को सुलझा लिया है। अब हमास को सहमत होना होगा। अगर वे नहीं मानते तो उनके लिए हालात बहुत मुश्किल हो जाएंगे।” उन्होंने आगे बताया कि इस योजना में अरब और मुस्लिम देश तथा इज़रायल भी सहमत हैं।
“ऐसा पहले किसी ने नहीं किया”
राष्ट्रपति ने कहा कि अगर गाजा संघर्ष समाप्त कराने की यह योजना सफल होती है, तो यह कुछ ही महीनों में आठ अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को सुलझाने की उनकी उपलब्धियों में शामिल हो जाएगा। ट्रंप ने जोर देते हुए कहा, “यह शानदार है। ऐसा किसी ने नहीं किया।” उन्होंने यह भी व्यंग्य किया कि नोबेल पुरस्कार शायद उन्हें नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा, “क्या मुझे नोबेल पुरस्कार मिलेगा? बिल्कुल नहीं। वे यह किसी ऐसे व्यक्ति को देंगे जिसने कुछ भी नहीं किया है…शायद किसी लेखक को, जिसने मेरी नीतियों या विचारों पर एक किताब लिख दी हो।”
“यह सम्मान देश को मिलना चाहिए”
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया गया, तो यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि अमेरिका का भी अपमान होगा। उन्होंने कहा, “मैं यह पुरस्कार अपने लिए नहीं चाहता। मैं चाहता हूं कि यह देश को मिले। क्योंकि ऐसा कुछ पहले कभी नहीं हुआ।” अपने अनुभव पर भरोसा जताते हुए ट्रंप ने कहा, “मैं यह हल्के में नहीं कह रहा। मैं समझौतों के बारे में किसी से भी ज्यादा जानता हूं। आठ समझौते करना कोई साधारण बात नहीं है। यह सम्मान की बात है।”