क्या है गाजा संघर्ष पर ट्रंप की शांति योजना?…जिसका रूस ने भी किया समर्थन

Gaza

Trump peace plan for the Gaza (मॉस्को/वॉशिंगटन): रूस ने गाजा पट्टी में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पेश की गई शांति योजना का समर्थन किया है। क्रेमलिन ने मंगलवार को कहा कि यदि यह योजना क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में कारगर साबित हो सकती है, तो रूस इसका स्वागत करता है।

क्या है ट्रंप की गाजा शांति योजना

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत के बाद एक 20 सूत्रीय शांति योजना की घोषणा की थी, जिसमें गाजा में युद्धविराम की तत्काल आवश्यकता और हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों की 72 घंटों के भीतर रिहाई का प्रस्ताव शामिल था।

रूस ने जताया समर्थन

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “रूस ट्रंप द्वारा किए गए ऐसे किसी भी प्रयास का समर्थन करता है जिसका उद्देश्य वर्तमान में गाजा में हो रही मानवीय त्रासदी को समाप्त करना है। हम आशा करते हैं कि यह योजना क्षेत्र को शांति की दिशा में ले जा सकती है।”हालांकि, पेस्कोव ने यह स्पष्ट किया कि रूस इस प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं है और अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर उसकी कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि रूस संघर्ष के सभी पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है और अगर उससे किसी समझौते में मदद मांगी जाती है तो वह तैयार है।

शांति योजना की सफलता हमास पर निर्भर

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी इस योजना पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रूस को इस शांति योजना के बिंदुओं की सिर्फ “मौखिक जानकारी” दी गई है। वहीं, सरकारी रेडियो स्टेशन ‘वेस्टी एफएम’ की रिपोर्ट में कहा गया कि इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि हमास इसे किस रूप में स्वीकार करता है। हमास की ओर से अब तक औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन संगठन ने यह संकेत दिया है कि वह प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है और निर्णय लेने में कुछ समय लेगा।

तनाव में कमी की कोशिशें तेज

गाजा में महीनों से जारी हिंसा के बीच यह शांति प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस का समर्थन ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगातार युद्धविराम की अपील की जा रही है।

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