CM Rekha Gupta announced: (नई दिल्ली): मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में रामलीला और दुर्गा पूजा को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को भव्य और सुविधाजनक बनाने के लिए दिल्ली सरकार पूरी मदद करेगी। इसके लिए पूजा और रामलीला समितियों को बिजली, पानी, सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि हर पूजा पंडाल और रामलीला मंच को 1200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी। साथ ही टेंट में बिजली मीटर लगवाने के लिए अब केवल 250 रुपये सिक्योरिटी फीस देनी होगी, जो पहले 1000 रुपये थी।
सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगी परमिशन
उन्होंने कहा अब पूजा समितियों को परमिशन लेने के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। दिल्ली सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत सभी जरूरी अनुमति एक ही स्थान जिला कार्यालय से मिल जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाया जाएगा। रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी समिति को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। अगर किसी अधिकारी ने लापरवाही की तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
बिजली, पानी, शौचालय, सफाई की पूरी व्यवस्था
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आयोजन स्थलों पर बिजली, पानी, शौचालय, सफाई, सैनिटाइजेशन, एंबुलेंस और डॉक्टरों की व्यवस्था पूरी तरह से होगी। साथ ही, पुलिस और प्रशासनिक टीमें मौके पर मौजूद रहेंगी ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान हो सके। डीएम स्तर पर पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि आने-जाने में कोई बाधा न हो। सभी ज़रूरी इंतज़ाम पहले से किए जाएंगे।
यमुना में प्रतिमा विसर्जन पर रोक
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार यमुना नदी में मूर्तियों का विसर्जन नहीं किया जाएगा। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सरकार वैकल्पिक स्थलों पर विसर्जन की व्यवस्था करेगी, जहां सभी समितियां सुरक्षित ढंग से मूर्तियों का विसर्जन कर सकेंगी।
सेवा पखवाड़ा और नई समिति का गठन
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक दिल्ली में सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। उन्होंने पूजा आयोजकों से अपील की कि वे पंडालों में जरूरतमंदों के लिए भोजन, दवा, कपड़े आदि की सेवा करें।
इसके साथ ही सरकार एक विशेष समिति बनाएगी जो आयोजकों की समस्याओं का तुरंत समाधान करेगी। इस समिति का नेतृत्व एक मंत्री करेंगे और इसमें सरकारी अधिकारी भी शामिल होंगे। इनके संपर्क नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दिल्ली में ऐसी सरकार है जो आयोजकों की बात सुनती है और उनके साथ खड़ी है। सभी समितियां निश्चिंत होकर अपने आयोजन करें, सरकार हर तरह की मदद देने को तैयार है।