इन विदेशियों को भारत में नहीं मिलेगी एंट्री, गृह मंत्रालय ने जारी किया निर्देश

गृहमंत्री अमित शाह

Home Ministry on Foreigners (नई दिल्ली): भारत सरकार ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों, गंभीर आपराधिक मामलों और अवैध प्रवेश को लेकर विदेशियों पर नियंत्रण के लिए एक सख्त आदेश जारी किया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विदेशी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों, जासूसी, बलात्कार, हत्या, आतंकवाद या मानव तस्करी जैसे संगीन अपराधों में लिप्त पाया जाता है, तो उसे भारत में प्रवेश या निवास की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इमिग्रेशन Act, 2025 के तहत नए निर्देश

गृह मंत्रालय ने हाल ही में लागू किए गए आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम 2025 के तहत आदेश दिया है कि हर राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को ऐसे विदेशी नागरिकों की पहचान कर निरुद्ध केंद्र या होल्डिंग शिविर स्थापित करने होंगे, जब तक कि उन्हें उनके देश वापस न भेजा जा सके।

बायोमेट्रिक जानकारी अनिवार्य

गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि जो भी विदेशी व्यक्ति भारत में प्रवेश के लिए वीजा आवेदन करता है, उसमें ओसीआई कार्डधारक भी शामिल हैं, उन्हें वीजा जारी करने से पहले बायोमेट्रिक जानकारी साझा करनी होगी। यह प्रक्रिया वीजा अथवा पंजीकरण से पूर्व अनिवार्य रूप से पूरी की जाएगी।

अवैध प्रवासियों को हिरासत में रखा जाएगा

मंत्रालय ने कहा कि भारत में यदि कोई अवैध विदेशी नागरिक पकड़ा जाता है, तो उसे निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक हिरासत शिविर में रखा जाएगा और उसकी आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध होगा।
इसके अतिरिक्त सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारतीय तटरक्षक बल ऐसे अवैध घुसपैठियों को रोकने और केंद्र सरकार के पोर्टल पर उनका बायोमेट्रिक डेटा दर्ज करने के लिए जिम्मेदार होंगे।

इन अपराधों में लिप्त विदेशी होंगे प्रतिबंधित

गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि निम्नलिखित गतिविधियों में दोषी पाए गए विदेशी भारत में न प्रवेश कर सकते हैं, न रह सकते हैं। इसमें राष्ट्रविरोधी गतिविधियां, जासूसी, बलात्कार या हत्या, मानवता के विरुद्ध अपराध, आतंकवाद, हिंसा या विध्वंसक गतिविधियां, मनी लॉन्ड्रिंग या हवाला लेन-देन, नशीले पदार्थों की तस्करी, बाल तस्करी या दुर्व्यवहार, नकली दस्तावेजों या मुद्रा (क्रिप्टो सहित) में धोखाधड़ी, साइबर अपराध आदि।

इन क्षेत्रों में नहीं मिलेगी नौकरी

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विदेशियों को कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में बिना पूर्व अनुमति कार्य नहीं करने दिया जाएगा, जैसे: बिजली, जल आपूर्ति और पेट्रोलियम सेक्टर में निजी संस्थानों में काम, फिल्म, टीवी, वेब सीरीज, वृत्तचित्र या रियलिटी शो का निर्माण या प्रदर्शन, ऐसी किसी भी गतिविधि के लिए पूर्व लिखित अनुमति और विशेष शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।

प्रतिबंधित क्षेत्र और विशेष शर्तें

गृह मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के संरक्षित या प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश के लिए विदेशी नागरिकों को विशेष परमिट लेना होगा। मगर अफगानिस्तान, चीन या पाकिस्तान मूल के नागरिकों को इन क्षेत्रों में जाने की बिलकुल अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रतिबंधित क्षेत्रों में शामिल हैं:- अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम, मणिपुर, नागालैंड, सिक्किम (पूरा राज्य), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कुछ सीमावर्ती हिस्से।

विदेशियों की निगरानी होगी सख्त

आखिर में गृह मंत्रालय ने कहा कि ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BOI) एक अपडेटेड निगरानी सूची तैयार करेगा, जिसमें भारत में प्रवेश पर प्रतिबंधित व्यक्तियों की जानकारी दर्ज की जाएगी। यह आदेश भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और आव्रजन नियंत्रण को पारदर्शी तथा तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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