US court on trump tariff: (वाशिंगटन): अमेरिकी एक संघीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि उनके पास लगभग सभी देशों पर भारी शुल्क लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है। हालांकि, अदालत ने “अमेरिकी अर्थव्यवस्था के चारों ओर एक संरक्षणवादी दीवार बनाने” के ट्रंप के प्रयास को फिलहाल बरकरार रखा है।
ट्रंप का शुल्क लगाने का अधिकार खारिज
अमेरिकी फेडरल सर्किट अपीलीय अदालत ने अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करके आयात शुल्क लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। अदालत ने न्यूयॉर्क की विशेष संघीय व्यापार अदालत के फैसले को मोटे तौर पर बरकरार रखा। न्यायाधीशों ने इस फैसले में कहा कि ऐसा प्रतीत नहीं होता कि संसद ने राष्ट्रपति को शुल्क लगाने का असीमित अधिकार देने का कोई इरादा किया था।
फैसले पर प्रतिक्रिया और अपील की योजना
हालांकि, अदालत ने विभिन्न देशों पर लगाए गए शुल्कों को तत्काल रद्द नहीं किया और ट्रंप प्रशासन को उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति दी। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने इस मामले में ट्रंप का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने कानूनी तरीके से काम किया है और वे इस मामले में “अंतिम जीत” की उम्मीद करते हैं।
वैश्विक व्यापार पर असर
यह निर्णय तब आया है जब ट्रंप के द्वारा लगाए गए शुल्कों ने वैश्विक व्यापार पर गहरा असर डाला था और इससे कई देशों के साथ व्यापारिक तनाव बढ़ गया था। ट्रंप ने इन शुल्कों को अमेरिकी उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के उद्देश्य से लागू किया था।
ट्रंप की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
फैसला आने के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “अगर इसे ऐसे ही रहने दिया गया, तो यह फैसला सचमुच अमेरिका को बर्बाद कर देगा। इसके बाद उन्होंने उच्चतम न्यायालय में अपील करने का संकल्प लिया है।
अदालत ने शुल्कों को नहीं किया तत्काल रद्द
अदालत ने इस मामले को लेकर यह भी कहा कि शुल्कों को जल्द ही रद्द नहीं किया जाएगा, बल्कि ट्रंप प्रशासन को उच्चतम न्यायालय से इस मामले में अंतिम फैसला लेने की अनुमति दी है। इस फैसले से राष्ट्रपति ट्रंप की संरक्षणवादी नीति को बड़ा झटका लगा है, हालांकि वे इसे चुनौती देने का पूरा प्रयास करेंगे।