CM Nayab singh saini: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्व उद्यमिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उद्यमिता का अर्थ केवल व्यवसाय शुरू करना या लाभ कमाना नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी का निर्वहन है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा आत्मचिंतन से शुरू होती है “मेरे पास क्या कौशल है और मुझे क्या करना है?”
मुख्यमंत्री ने एक युवा उद्यमी का उदाहरण देते हुए कहा कि जिसने कड़ी मेहनत के बल पर 5 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक का कारोबार खड़ा किया, वह आज युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने युवाओं को विचार से संकल्प और फिर कार्य की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी।
स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम में 100 से अधिक स्टार्टअप प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिनकी प्रेरणादायक कहानियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को स्टार्टअप हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया है।
कौशल विकास और नई शिक्षा नीति पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि हरियाणा में 10 नई IMT (इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप) स्थापित की जाएंगी और 35 हजार एकड़ भूमि पर विभिन्न औद्योगिक केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। हिसार एयरपोर्ट के पास 2500 एकड़ में एक आधुनिक टाउनशिप बनाई जाएगी जो बड़े निवेशकों को आकर्षित करेगी। कौशल विकास को लेकर उन्होंने कहा कि अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को AI, ड्रोन जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को वर्ष के अंत तक लागू किया जाएगा जिसमें शिक्षा के साथ-साथ हुनर पर भी ज़ोर होगा।
काम छोटा-बड़ा नहीं होता सोच बड़ी होनी चाहिए
सीएम सैनी ने बताया कि राज्य में जल्द ही हरियाणा राज्य उद्यमिता आयोग का गठन किया जाएगा और स्टार्टअप आइडिया स्लोगन प्रतियोगिता चलाई जाएगी, जिसमें 1 करोड़ रुपये तक के पुरस्कार दिए जाएंगे। स्वदेशी मेलों और हर जिले में एक्सीलेंस सेंटर के ज़रिए ‘लोकल फॉर वोकल’ को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से डिग्री के साथ-साथ उद्यमशील सोच अपनाने और स्वदेशी को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा, “काम छोटा-बड़ा नहीं होता, सोच बड़ी होनी चाहिए।”