Malegaon Blast case: मालेगांव ब्लास्ट केस में एनआईए की विशेष अदालत ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों को अपर्याप्त मानते हुए उसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा- सिर्फ शक के आधार पर सजा नहीं दे सकते। कोर्ट ने प्रज्ञा ठाकुर के साथ कर्नल पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय समेत सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया है।
बता दें कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल में रखे बम के विस्फोट से 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हुए थे। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत 12 लोगों पर आतंकी साजिश, हत्या और धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप थे।
एनआईए ने की थी फांसी की सजा देने की मांग
इस केस की जांच शुरू में महाराष्ट्र एटीएस ने की, लेकिन 2011 में इसे एनआईए को सौंप दिया गया। एनआईए ने अप्रैल 2025 में कोर्ट से साध्वी प्रज्ञा और अन्य आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी, जिसमें यूएपीए की धारा 16 का हवाला दिया गया। हालांकि, 2016 में एनआईए ने प्रज्ञा को क्लीन चिट देने की कोशिश की थी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें मुकदमे का सामना करने का आदेश दिया। इस केस में 323 गवाहों की गवाही हुई, जिनमें से 34 ने अपने बयान बदल लिए।