Operation Sindoor: राज्यसभा में मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विशेष चर्चा हुई। चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत को यह ऑपरेशन रोकने के लिए मनाया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ट्रंप के बीच इस सैन्य कार्रवाई के दौरान कोई संवाद नहीं हुआ था, और ऑपरेशन को किसी बाहरी दबाव में नहीं रोका गया है।
विपक्ष के इस आरोप को किया खारिज
राजनाथ सिंह ने सदन में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही लोकसभा में यह बात साफ कर चुके हैं कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला होने से लेकर ऑपरेशन सिंदूर के स्थगन तक, प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच कोई बातचीत नहीं हुई उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि केंद्र सरकार ट्रंप के दावे पर चुप है। रक्षा मंत्री ने दो टूक कहा, “यह बात देश के सामने पूरी स्पष्टता से रखी गई है कि प्रधानमंत्री की ट्रंप से कोई बातचीत नहीं हुई। हम किसी के दबाव में नहीं आए।
ऑपरेशन स्थगित है समाप्त नहीं
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया, बल्कि फिलहाल के लिए स्थगित किया गया है तो ऐसा पाकिस्तान के डीजीएमओ और पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व के कहने पर हुआ है। पाकिस्तान के डीजीएमओ ने अनुरोध किया था कि आप (भारत) ऑपरेशन को रोकिए। समाप्त करिए।’’ सिंह ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर समाप्त नहीं किया गया है, स्थगित किया गया है” उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिस्थितियाँ बदलती हैं, तो ऑपरेशन को फिर से शुरू किया जा सकता है।
पहलगाम हमले पर भारत की सख्त जवाबी कार्रवाई
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 निर्दोष नागरिकों की बर्बर हत्या कर दी थी। इसके तुरंत बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकियों और उनके ठिकानों को निशाना बनाया गया। सरकार ने इस ऑपरेशन को एक निर्णायक और सफल सैन्य जवाब बताया है, जिससे आतंकवादियों को भारी नुकसान हुआ।
कोई विदेशी दबाव नहीं सरकार का रुख साफ
राजनाथ सिंह ने बार-बार दोहराया कि भारत की सुरक्षा नीति और सैन्य निर्णय पूरी तरह स्वतंत्र और देशहित पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, “हम किसी भी देश के प्रभाव में नहीं हैं। ऑपरेशन सिंदूर को रोकने या चलाने का निर्णय पूरी तरह हमारी रणनीतिक सोच और जमीनी परिस्थितियों के आधार पर लिया गया।