Operation Mahadev (नई दिल्ली/कश्मीर): पहलगाम हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान लेने वाले लश्कर के आतंकी और मुख्य साजिशकर्ता हाशिम मूसा को श्रीनगर में सेना ने ऑपरेशन महादेव में मार गिराया है। लश्कर के इस कमांडर पर भारतीय सेना ने 20 लाख रुपये का इनाम रखा था। सेना के जवानों ने मूसा के शरीर में इतनी गोलियां मारी कि उसके पूरे शरीर के चीथड़े उड़ गए और वह भूसा बन गया। सेना ने कहा कि उसने मूसा के साथ पहलगाम आतंकी हमले में शामिल उसके 2 अन्य आतंकियों को भी ऑपरेशन ‘महादेव’ के जहन्नुम में पहुंचा दिया है।
हाशिम मूसा था मास्टरमाइंड
लश्कर-ए-तैय्यबा का कुख्यात आतंकी हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। सेना ने इस पर 20 लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था। इस हमले में शामिल उसके 2 अन्य साथी जिब्रान और हमजा अफगानी को भी भारतीय सेना ने नर्क के द्वार पहुंचा दिया है। ये तीनों लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़े थे आतंकी थे और पाकिस्तानी नागरिक थे।
कैसे सर्च की लोकेशन?
सूत्रों के अनुसार इन आतंकियों का पता एक सैटेलाइट फोन की निगरानी के बाद चला, जो हमले के बाद बंद था और हाल ही में उसमें गतिविधि देखी गई। सेना ने लोकेशन ट्रेस कर तुरंत ऑपरेशन शुरू किया। इसके बाद आतंकियों की सटीक लोकेशन तक पहुंचने के लिए सेना ने ड्रोन, थर्मल इमेजिंग और ह्यूमन इंटेलीजेंस का सहारा लिया। हमले के बाद से ये आतंकी 96 दिनों तक छिपे हुए थे।
चीनी इंस्ट्रूमेंट इस्तेमाल करने से ट्रेस हुए आतंकी
सेना के सूत्रों के अनुसार आतंकियों के पास एक चीनी ‘अल्ट्रा रेडियो कम्युनिकेशन सिस्टम’ था, जो अचानक एक्टिव हुआ। यह एक हाई-फ्रीक्वेंसी एन्क्रिप्टेड नेटवर्क है, जिसका इस्तेमाल आतंकी आपसी संवाद में करते हैं। इसी के जरिए सेना ने उनकी सटीक लोकेशन पकड़ी और ‘ऑपरेशन महादेव’ की शुरुआत की।
ऑपरेशन जारी, आतंकियों के शव बरामद
सेना की चिनार कॉर्प्स ने बताया कि तीनों आतंकियों के शव बरामद कर लिए गए हैं और ऑपरेशन अब भी कुछ क्षेत्रों में जारी है। IGP कश्मीर वीके बर्डी ने कहा कि पहचान की अंतिम पुष्टि हो चुकी है। इस ऑपरेशन से न केवल पहलगाम हमले का बदला लिया गया है, बल्कि यह आतंकियों को यह स्पष्ट संदेश भी देता है कि भारत अपने निर्दोष नागरिकों की हत्या का हर हाल में जवाब देगा।