India-U.S. trade Deal :भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत का पांचवां दौर 14 से 17 जुलाई तक वाशिंगटन डीसी में संपन्न हुआ। अधिकारियों के अनुसार, यह दौर काफी महत्वपूर्ण रहा और भारतीय प्रतिनिधिमंडल अब देश लौट रहा है। भारतीय वार्ता दल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने किया। यह वार्ता ऐसे समय पर हो रही है जब दोनों देश 1 अगस्त से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं।
अंतरिम समझौते की तैयारी
बता दें कि वार्ता के इस दौर में कृषि, डेयरी, ऑटोमोबाइल और औद्योगिक उत्पादों पर विशेष फोकस रहा। अमेरिका की ओर से इन क्षेत्रों पर आयात शुल्क में रियायत की मांग की गई, जबकि भारत ने घरेलू किसानों और उद्योगों के हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। भारत चाहता है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए 26% अतिरिक्त शुल्क, विशेष रूप से इस्पात, एल्युमिनियम और वाहनों पर, पूरी तरह से हटाए जाएं। अमेरिका ने ये शुल्क ट्रंप प्रशासन के दौरान लगाए थे, जिनकी निलंबन अवधि 1 अगस्त को समाप्त हो रही है। भारत ने यह स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका से रियायत नहीं मिलती है, तो वह WTO नियमों के तहत जवाबी शुल्क लगाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
भारत और अमेरिका की मांगें
भारत की मांग है कि कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, समुद्री उत्पाद (झींगा), तिलहन, अंगूर और केले जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में अमेरिका अपने बाजार तक बेहतर पहुंच दे। इससे भारतीय निर्यातकों को लाभ मिलेगा और रोजगार को भी बल मिलेगा। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका ने इलेक्ट्रिक वाहन, वाइन, पेट्रोकेमिकल्स, डेयरी उत्पाद, मेवे, सेब और आनुवंशिक फसलें (GM Crops) जैसे उत्पादों पर भारत में टैरिफ कम करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ‘स्कॉमेट’ (विशेष रसायन, जीव, सामग्री, उपकरण और प्रौद्योगिकी) और गैर-बाजार अर्थव्यवस्थाओं से जुड़ी नीतियों पर भी गहन चर्चा हुई।