Union Home Minister Amit Shah: नई दिल्लीः दिल्ली में भारत विकास परिषद के 63वें स्थापना दिवस का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा मोदी की सरकार के 11 साल भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किए जाएंगे। शाह ने बताया कि इस अवधि में देश ने कई क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है और गरीबों के जीवन में वास्तविक बदलाव आया है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने विकास और भारत की सांस्कृतिक विरासत को एक साथ बढ़ावा दिया है। जब भी भारत में हो रहे बदलावों की चर्चा होगी, इतिहासकार मोदी सरकार के इन 11 वर्षों को स्वर्णिम युग के रूप में याद करेंगे।” इस दौरान 55 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया, 15 करोड़ से ज्यादा लोगों को स्वच्छ पेयजल मिला, और 12 करोड़ से अधिक घरों में शौचालय बनवाए गए।
गरीबों के लिए बड़े बदलाव
अमित शाह ने एक गरीब महिला की कहानी साझा करते हुए कहा कि आठ पीढ़ियों के बाद उनके घर में पहली बार शौचालय बना है, जो उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि यह सरकार गरीबों की समस्याओं को समझती है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
राम मंदिर से लेकर डिजिटल क्रांति तक
शाह ने कहा कि कई लोग अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर सवाल करते हैं, लेकिन इसके साथ ही मोदी सरकार ने देश में 5G तकनीक और डिजिटल भुगतान जैसी क्रांतियां भी लाई हैं। डिजिटल भुगतान अब सब्जी विक्रेता तक पहुंच चुका है, जिससे आम जनता को भी इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आध्यात्मिक या सांस्कृतिक विकास ही नहीं, बल्कि तकनीकी प्रगति भी है जो देश को आगे बढ़ा रही है।
जम्मू-कश्मीर, नागरिकता और नक्सलवाद पर बड़ी जीत
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को खत्म करके जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद के अभिशाप से मुक्त करने का संकल्प पूरा किया है। साथ ही, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के जरिए लाखों शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि आज देश नक्सलवाद से मुक्त होने के कगार पर है, जो सुरक्षा और विकास दोनों के लिए बेहद अहम है।
ग्रामीण भारत में स्वरोजगार के अवसर
शाह ने सहकारिता मंत्रालय की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि यह छोटे किसानों और ग्रामीण गरीबों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और समावेशी विकास को बढ़ावा देगा।
शिक्षा और नवाचार में भारत की बढ़ती शक्ति
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के साथ-साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम किया है। आईआईएम, आईआईटी, और एम्स जैसी संस्थाओं की संख्या बढ़ाई गई है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मातृभाषा में शिक्षा पर जोर देती है और भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार करती है।
योग, हरित ऊर्जा और तकनीकी नवाचार
शाह ने कहा कि योग को वैश्विक मान्यता मिली है, और भारत ने हरित हाइड्रोजन, ड्रोन प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी प्रगति की है। ये नवाचार न केवल आर्थिक विकास को बल देते हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करते हैं।
स्वतंत्रता सेनानी नीलमणि सिंह को सम्मान
भारत विकास परिषद ने मणिपुर के स्वतंत्रता सेनानी नीलमणि सिंह को सम्मानित किया। शाह ने बताया कि 1944 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान पर सिंह आजाद हिंद फौज में शामिल हुए और अपनी पूरी बचत नेताजी को समर्पित कर दी। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने समाज सेवा, शिक्षा और सहकारिता को अपना मिशन बनाया। शाह ने कहा कि उनकी प्रेरणा मणिपुर के युवाओं में हिंदी भाषा की अच्छी पकड़ का कारण बनी है।
भारत विकास परिषद को सराहा
अमित शाह ने भारत विकास परिषद के 63 वर्षों के सतत् सेवाभाव की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्थाएं देश के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में अहम भूमिका निभाती हैं और स्वतंत्रता की शताब्दी तक यह और भी बड़ा योगदान देगी।