India Energy Storage Week 2025: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली के द्वारका में आयोजित “एनर्जी स्टोरेज वीक सम्मेलन” में हिस्सा लिया। वहाँ उन्होंने इस दौरान वहां लगे स्टॉल्स का जायजा लिया। मनोहर लाल ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और विस्तार पर बल देते हुए कहा कि देश को आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए ऊर्जा उत्पादन और भंडारण में गति लानी होगी। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया अब एक ऊर्जा लीडर के रूप में देख रही है और इस विश्वास को कायम रखने के लिए हमें दोगुनी रफ्तार से काम करना होगा।
एनर्जी स्टोरेज बनेगा भविष्य की रीढ़
उन्होंने कहा कि एनर्जी स्टोरेज अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि ऊर्जा भविष्य की रीढ़ बनता जा रहा है। “पिछले 3-4 वर्षों में ऊर्जा भंडारण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हम इसकी क्षमता को और बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सरकार नहीं, बल्कि निजी क्षेत्रको भी इस अभियान में आगे बढ़कर भागीदारी करनी होगी।
ग्रीन एनर्जी की ओर मजबूती से बढ़ रहा भारत
मनोहर लाल ने कहा कि देश अब पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों जैसे तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में बढ़ रहा है। ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री जैसे सेक्टर तेजी से ग्रीन हाइड्रोजन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “ईवी (EV) और एथनॉल का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन ग्रीन हाइड्रोजन भारत की ऊर्जा क्रांति का अगला चरण है।”
गति भी ज़रूरी, और दिशा भी सही होनी चाहिए
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा-हमें अब गति बढ़ानी होगी और दिशा भी सही चुननी होगी। यह केवल तकनीक की दौड़ नहीं है, यह एकजुटता और संकल्प की परीक्षा भी है। उन्होंने सभी हितधारकों से अपील की कि वे एक टीम की तरह मिलकर काम करें ताकि भारत ना सिर्फ ग्रीन एनर्जी में आत्मनिर्भर बन सके, बल्कि एक वैश्विक ऊर्जा नेतृत्वकर्ता की भूमिका भी निभा सके।
2047 के विज़न को मजबूत करता ऊर्जा क्षेत्र
उन्होंने कहा कि भारत सरकार डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन हब, और 24×7 नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रही है। यह सभी पहलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विज़न के आधार स्तंभ हैं। मंत्री ने कहा कि यह प्रयास भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करेगा।