Amarnath Yatra 2025: (जम्मू): दक्षिण कश्मीर स्थित हिमालयी क्षेत्र में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए 7,541 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था सोमवार देर रात जम्मू से रवाना हुआ। यह जत्था बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष की 38 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और यह 9 अगस्त को समाप्त होगी। यात्रा दो मार्गों 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग (जिला अनंतनाग) और 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग (जिला गांदरबल) से हो रही है।
यात्रा का सातवां जत्था रवाना
रात 2:55 बजे से सुबह 4:05 बजे के बीच 309 वाहनों में कुल 7,541 तीर्थयात्री रवाना हुए। इनमें 5,516 पुरुष और 1,765 महिलाएं शामिल थीं। बालटाल मार्ग 148 वाहनों में 3,321 तीर्थयात्री रवाना हुए। पहलगाम मार्ग 161 वाहनों में 4,220 तीर्थयात्री भेजे गए। अब तक 94,000 से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 94,000 से अधिक श्रद्धालु अमरनाथ गुफा में दर्शन कर चुके हैं।
पंजीकरण और सुविधाएं
देशभर से तीर्थयात्रा में भाग लेने के लिए 4,000 से अधिक श्रद्धालु जम्मू पहुंचे हैं। अब तक 3.5 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। मौके पर ही पंजीकरण के लिए काउंटरों की संख्या बढ़ाकर 12 से 15 कर दी गई है, और दैनिक कोटा बढ़ाकर 4,100 कर दिया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
सुरक्षा प्रबंध
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 180 कंपनियाँ तैनात की गई हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में 30 कंपनियाँ अधिक हैं। यात्रियों को RFID टैग भी जारी किए जा रहे हैं ताकि उनकी निगरानी और ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा सके।
आवास और अन्य सुविधाएं
जम्मू क्षेत्र में तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए 34 आवास केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर चिकित्सा और भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है।