अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025: आंध्र प्रदेश के सुंदर तटीय शहर विशाखापत्तनम में आज सुबह एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हजारों लोगों के साथ मिलकर योग किया और पूरी दुनिया को एकजुटता, शांति और संतुलन का संदेश दिया। समुद्र की लहरों की गूंज सूरज की पहली किरणें और एक साथ सैकड़ों लोगों द्वारा किए गए योगासनों की लय यह सब मिलकर योग के वास्तविक स्वरूप को दर्शा रहे थे संपूर्ण एकता और संतुलन।
योग दुनिया को जोड़ता है
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा योग हमें दुनिया को जोड़ने का संदेश देता है। यह किसी सीमा, पृष्ठभूमि, उम्र या क्षमता से बंधा नहीं है। योग सबका है और सभी के लिए है। उन्होंने कहा कि आज योग न केवल भारत की परंपरा है, बल्कि यह एक वैश्विक सांस्कृतिक विरासत बन चुका है। योग ने लोगों के जीवन में संतुलन, शांति और जागरूकता लाई है और यही इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
संयुक्त राष्ट्र मिला ऐतिहासिक समर्थन
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि जब भारत ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने का प्रस्ताव रखा था, तो सिर्फ 90 दिन के भीतर 175 देशों ने इसका समर्थन किया। यह भारत की संस्कृति और विश्व समुदाय में विश्वास का प्रतीक है। आज 11 साल बाद, योग दुनिया भर के करोड़ों लोगों का हिस्सा बन गया है।
सिडनी से हिमालय तक योग की गूंज
पीएम मोदी ने बताया कि आज योग की शक्ति को दुनिया के हर कोने में स्वीकार किया जा रहा है। चाहे वह सिडनी ओपेरा हाउस हो एवरेस्ट पर्वत की ऊंचाइयां हों या फिर समुद्र की लहरों के किनारे हर जगह से यही संदेश आ रहा है कि योग सबका है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर की चपलता नहीं बल्कि मन की स्थिरता और आत्मा की गहराई है।
दुनिया तनाव में है उत्तर योग 2.0
प्रधानमंत्री मोदी ने आज के योग दिवस को “मानवता के लिए योग 2.0” की शुरुआत बताया और कहा कि यह समय है जब योग केवल व्यक्तिगत साधना नहीं बल्कि वैश्विक नीति का हिस्सा बनना चाहिए। आज की दुनिया किसी न किसी तनाव, संघर्ष या चिंता से गुजर रही है। अब हमें आंतरिक शांति को वैश्विक नीति का आधार बनाना होगा। यही ‘योग 2.0’ है।”
“मैं से हम की ओर
पीएम मोदी ने कहा कि योग एक व्यक्तिगत अनुशासन है, लेकिन यह व्यक्ति को केवल खुद तक सीमित नहीं रखता। योग का वास्तविक उद्देश्य व्यक्ति को ‘मैं’ से ‘हम’ की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि योग हमें सह-अस्तित्व, सामूहिकता, और करुणा की भावना सिखाता है।
हजारों लोगों के साथ पीएम मोदी ने किया योग
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं योगाभ्यास किया। उनके साथ युवा, बुज़ुर्ग, छात्र और साधक सभी ने अलग-अलग योगासन किए। कैमरों में कैद हुआ यह पल शांति और शक्ति की एक जीवंत तस्वीर बन गया।
सीएम नायडू ने की पीएम मोदी की सराहना
इस भव्य कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद थे। उन्होंने पीएम मोदी की योग को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा मोदी जी ने योग को न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में लोकप्रिय और सम्मानित बनाया है। वह केवल एक राष्ट्रीय नेता नहीं, बल्कि एक वैश्विक विचारक हैं। नायडू ने जानकारी दी कि इस वर्ष 175 से अधिक देशों में, 12 लाख स्थानों पर योग दिवस मनाया जा रहा है, जिसमें 10 करोड़ से अधिक लोग भाग ले रहे हैं।
एक धरती, एक जीवन, एक योग
योग दिवस 2025 सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक वैश्विक चेतना की पुकार बन गया है। भारत से निकला यह ज्ञान अब दुनिया के हर कोने में शांति, स्वास्थ्य और संतुलन का बीज बो रहा है। आज योग एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यक जीवनशैली बन गया है। और भारत, इस पथ का मार्गदर्शक है।