Karnataka Budget 2025: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को राज्य का बजट पेश किया। इस बजट में राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कई बड़े ऐलान किए गए। हालांकि, इस बजट पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने तो इसे आधुनिक मुस्लिम लीग बजट कहा। उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस तुष्टिकरण का बीज बोने का काम कर रही है।
वहीं, कर्नाटक सरकार के बजट का अनुमानित व्यय 4 लाख करोड़ रुपए है, जो पिछले साल के 3.71 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित कुल व्यय 4,09,549 करोड़ रुपए है, जिसमें 3,11,739 करोड़ रुपए का रेवेन्यू एक्सपेंडिचर, 71,336 करोड़ रुपए का कैपिटल बॉटम एक्सपेंडिचर और 26,474 करोड़ रुपए का लोन रीपेमेंट शामिल है।
सिद्धारमैया सरकार की घोषणा…
वक्फ जमीन के संरक्षण रखरखाव और कब्रिस्तान के लिए 150 करोड़ का आवंटन।
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कॉलोनी डेवलेपमेंट प्रोग्राम के तहत 1000 करोड़ का एक्शन प्लान वित्तीय वर्ष 25-26 में लागू होगा।
आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यकों की शादी के लिए हर जोडे को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता।
हज भवन परिसर में एक और इमारत बनाई जाएगी।
कांग्रेस सरकार के अन्य बड़े ऐलान…
कर्नाटक पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर 250 मौलाना आज़ाद मॉडल इंग्लिश मीडियम स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से प्री-प्राइमरी से लेकर पीयू तक की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इस उद्देश्य के लिए 500 करोड़ रुपए की कुल लागत वाला एक कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
वर्तमान वर्ष में इस उद्देश्य के लिए 100 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है और यह कार्यक्रम स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से लागू किया जाएगा।
मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ औपचारिक शिक्षा प्रदान करने के लिए, छात्रों को एनआईओएस के माध्यम से एसएसएलसी परीक्षा लिखने के लिए तैयार करने के लिए कंप्यूटर, स्मार्ट बोर्ड और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
कर्नाटक अल्पसंख्यक विकास निगम के माध्यम से अल्पसंख्यक युवाओं को नए स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कॉलोनी विकास कार्यक्रम के तहत 1,000 करोड़ रुपए की कार्ययोजना तैयार की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में कार्य क्रियान्वित किए जाएंगे।
जैन पुजारियों, सिखों के मुख्य ग्रंथी और मस्जिदों के पेश-इमामों को दिया जाने वाला मानदेय बढ़ाकर 6,000 रुपए प्रति महीना किया जाएगा। सहायक ग्रंथी और मुअज्जिन को दिया जाने वाला मानदेय बढ़ाकर 5,000 रुपए प्रति माह किया जाएगा।
अल्पसंख्यक समुदायों के सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के आयोजन के लिए राज्यभर में बहुउद्देश्यीय हॉल बनाए जाएंगे। हॉल का निर्माण होबली और तालुक स्तर पर 50 लाख रुपए और जिला मुख्यालयों और नगर निगम क्षेत्रों में एक करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
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