Union Budget: हमने गरीबी हटाओ का झूठा नारा नहीं दिया, गरीबों की सच्ची सेवी की, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में बोलें पीएम मोदी

Union Budget PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं। पीएम मोदी ने 14वीं बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में यहां बैठकर शामिल होने को अपना सौभाग्य बताया और इसके लिए जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हम 2025 में हैं और 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। समय तय करेगा कि इसमें क्या हुआ, कैसे हुआ।

अगर हम राष्ट्रपति के संबोधन का बारीकी से अध्ययन करेंगे तो ये साफ नजर आता है कि एक नए भारत के लिए आत्मविश्वास जगाने वाला है। राष्ट्रपति का संबोधन विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने वाला, नया विश्वास जगानेा वाला और जनसामान्य को प्रेरित करने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने नारे नहीं दिए, गरीबों की सच्ची सेवा की। पांच-पांच दशक तक झूठे नारे दिए गए।  

मध्यम वर्ग के सपने ऐसे ही नहीं समझे जाते। इसे समझने के लिए जज्बा चाहिए। मोदी को बहुत दुख के साथ कहना है कि कुछ लोगों के पास ये है ही नहीं। हमारी सरकार ने गरीबों से लेकर मध्यम वर्ग की समस्याओं को समझा। हमने एक-एक अपने वादों को पूरा किया। हमने दशकों के झूठे नारों को दूर छोड़कर धरातल पर जाकर गरीबी को हटाने का काम किया।

पीएम मोदी ने इथेनॉल ब्लेंडिंग से एक लाख करोड़ रुपए किसानों के हाथ में जाने की बात कही और कहा कि घोटाले न होने से भी लाखों करोड़ रुपए बचे हैं जो जनता जनार्दन की सेवा में लगे हैं। हमने बचे लाखों करोड़ रुपए का उपयोग शीशमहल बनाने के लिए नहीं किया, देश बनाने के लिए किया है। इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट एक लाख 80 हजार करोड़ था हमारे आने से पहले। आज 11 लाख करोड़ रुपया है।

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युवा लहरा रहे परचम

राष्ट्रपति जी ने भारत की नींव कैसे मजबूत हो रही है, इसका वर्णन किया है। रोड, हाईवे, रेलवे, ग्राम सड़क, सभी के लिए विकास की मजबूत नींव रखी गई है। सरकारी खजाने में बचत एक बात है, करना भी चाहिए। हमने इस बात का भी ध्यान रखा है कि जनता को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। जनता को भी बचत हो। आयुष्मान भारत योजना, बीमारी के कारण लोगों का जो खर्च होता है, अब तक जिन्होंने बेनिफिट लिया है, उनका एक लाख 20 हजार करोड़ रुपया बचा है।

हमने जन औषधि केंद्र खोले हैं जहां से दवाई लेने के कारण लोगों का करीब 30 हजार करोड़ रुपया बचा है। यूनिसेफ का भी अनुमान है कि जिसके घर में शौचालय बना, उस परिवार को करीब-करीब 70 हजार की बचत हुई है। हमने देश में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर दिए। आज देश का युवा पूरी दुनिया में परचम लहरा रहे हैं।

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