Delhi Election 2025: राजधानी दिल्ली के विधानसभा चुनाव में प्रचार अंतिम चरण में पहुंच गया है। गुनगुनी धूम में सियासी ताप के बीच सभी दलों को धुंआधार प्रचार प्रचार जारी है। इस बीच साल 2020 में हुए दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत ने उन्हें चुनाव प्रचार के लिए 6 दिनों की कस्टडी पैरोल दी है। ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी ने उन्हें विधानसभा के लिए प्रत्याशी बनाया है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी मुस्तफाबाद में पैदल यात्रा करने पहुंचे थे। इनकी पार्टी ने यहां से वर्ष 2020 के दंगे के आरोपित ताहिर हुसैन को टिकट दिया है। एआईएमआईएम ने ताहिर हुसैन को मुस्तफाबाद सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, ओवैसी ने ताहिर हुसैन को टिकट देने की घोषणा करने के दौरान उनके परिवार से मुलाकात की थी। हालांकि, इससे पहले ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी में थे।
बता दें कि, राजधानी दिल्ली में साल 2020 में हुए दंगे में ताहिर हुसैन का नाम भी आया था। उन्हें दंगे का आरोपी मानकर जेल भेज दिया गया। खास बात यह है कि ताहिर हुसैन के जेल में रहते हुए भी उनके विधानसभा क्षेत्र मुस्तफाबाद में हर त्योहार पर उनके पोस्टर लगते रहे। आम आदमी पार्टी में रहने के दौरान ताहिर हुसैन निगम पार्षद भी थे। ताहिर हुसैन की मुस्लिमों के बीच अच्छी पकड़ है, जिस वजह से आम आदमी पार्टी को भी इसका फायदा होता था।
सशर्त दी जमानत
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने दोपहर दो बजे दिए अपने आदेश में ताहिर हुसैन को कस्टडी पैरोल देने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ताहिर हुसैन को 29 जनवरी से 3 फरवरी तक कस्टडी पैरोल दी है। इस दौरान उनकी हिरासत पर जो भी खर्च होगा, उसे ताहिर हुसैन को ही वहन करना होगा। इसमें दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों का खर्च, जेल वाहन और एस्कॉर्ट वाहन का खर्च भी शामिल है।
सर्वोच्च कोर्ट के निर्देश के तहत ताहिर हुसैन सिर्फ दिन में जेल से बाहर जाकर चुनाव प्रचार करने की इजाजत मिलेगी और हर रात को उन्हें जेल वापस जाना होगा। उन्हें हर दिन 12 घंटे की जमानत के लिए 2.47 लाख रुपए देने होंगे, जो कि उनकी सुरक्षा पर होने वाले खर्च का हिस्सा होगा। बता दें कि, राजधानी दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को परिणाम घोषित किया जाएगा।